फेसबुक ने अपना कॉर्पोरेट नाम बदला : अब Meta के नाम से जानी जाएगी

दिग्गज सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने अपना कॉर्पोरेट नाम बदलकर 'मेटा' (Meta) रख लिया है। अब से पूरी दुनिया फेसबुक को 'मेटा' के नाम से जानेगी। 28 अक्टूबर 2021 को फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने यह ऐलान किया। फेसबुक के फॉर्मर सिविक इंटीग्रिटी चीफ समिध चक्रवर्ती की तरफ से यह नया नाम सुझाया गया था।

यह फ़ेसबुक की व्यापक रि-ब्रान्डिंग का हिस्सा है। लंबे समय से फेसबुक के नाम को बदलने की चर्चा तथा रि-ब्रान्डिंग के बीच अब आखिरकार प्रोसेस को पूरा कर लिया गया है और फेसबुक का नया नाम 'Meta' कर दिया गया है।

इससे पहले फेसबुक ने सन् 2005 में भी अपना नाम The Facebook से बदलकर Facebook कर दिया था।

• Meta का क्या अर्थ होता है?

फेसबुक के CEO मार्क जुकरबर्ग के अनुसार Meta का ग्रीक भाषा में अर्थ 'Beyond' होता है अर्थात 'हद से पार' कहने का मतलब है कि फेसबुक अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कहीं ज्यादा आगे बढ़कर ‘एम्बॉइडेड एंटरनेट’ पर कार्य करेगी, जिसमें रीयल और वर्चुअल दुनिया का जुड़ाव पहले से कहीं अधिक होगा।

मार्क जुकरबर्ग फेसबुक की रि-ब्रान्डिंग करके उसे एकदम अलग नयी पहचान देना चाहते हैं। वे फेसबुक को सिर्फ एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के तौर पर दिखाना नहीं चाहते हैं। कंपनी का फोकस अब एक मेटावर्स बनाने पर है जिसके माध्यम से एक ऐसी वर्चुअल दुनिया की शुरुआत हो जाएगी जहां पर ट्रांसफर और कम्यूनिकेशन के लिए अलग-अलग टूल का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

मेटावर्स एक अलग ही दुनिया है जो कि पूर्ण रूप से इंटरनेट पर निर्भर है। मेटावर्स के लिए फेसबुक लगातार इन्वेस्ट भी कर रहा है। फेसबुक के अलावा कई अन्य कंपनियां भी मेटावर्स बनने पर विचार कर रही हैं।

• क्या है मेटावर्स (Metaverse)

मेटावर्स काफी पुराना शब्द है। नील स्टीफेंसन ने 1992 में अपने डायस्टोपियन उपन्यास "स्नो क्रैश" में इसका उल्लेख किया था। हालांकि फिलहाल यह शब्द सिलिकॉन वैली में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्टीफेंसन के उपन्यास में मेटावर्स का अर्थ एक ऐसी दुनिया से था जिसमें लोग गेम में डिजिटल दुनिया वाले गैजेट जैसे हेडफोन और वर्चुअल रियलिटी की सहायता से आपस में जुड़ते हैं।

मेटावर्स का उपयोग पहले से ही गेमिंग के लिए हो रहा है। मेटावर्स में क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल होता है। साधारण शब्दों में मेटावर्स इंटरनेट की एक नई दुनिया है जहां लोग उपस्थित न होते हुए भी मौजूद रहेंगे। मेटावर्स (Metaverse) शब्द का इस्तेमाल डिजिटल दुनिया में वर्चुअल और इंटरेक्टिव स्पेस को समझाने के लिए किया जाता है। हालांकि कंपनी के मेटावर्स बनने में अभी लंबा सफर तय करना बाकी है।

मार्क जुकरबर्ग ने मेटावर्स को एक वर्चुअल एनवायरमेंट (आभासी वातावरण) बताया है। जुकरबर्क के अनुसार आप महज स्क्रीन पर देखकर एक अलग दुनिया में जा सकते हैं जहां आप लोगों से वर्चुअल रियलिटी हेडसेट, आग्युमेंट रियलिटी चश्में, स्मार्टफोन एप आदि के माध्यम से जुड़ सकेंगे, गेम खेल सकेंगे, शॉपिंग कर सकेंगे और सोशल मीडिया इस्तेमाल कर सकेंगे। मेटावर्स में आप वर्चुअली रूप से वो सभी काम कर सकेंगे जो आप आमतौर पर रियल लाइफ करते हैंं। जुकरबर्ग ने कहा है कि मेटावर्स टेक्नोलॉजी के माध्यम से लाखों लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

• क्या वजह थी नाम बदलने की?

CEO मार्क जुकरबर्ग ने अपने संबोधन में कहा है कि आने वाले समय में ऐसे सेफ्टी कंट्रोल की जरूरत पड़ेगी जिससे मेटावर्स की दुनिया में किसी भी इंसान को दूसरे की स्पेस में जाने की इजाजत ना रहे।

CEO मार्क जुकरबर्ग ने 28 अक्टूबर 2021 को वर्चुअली रूप से आयोजित फेसबुक कनेक्ट सम्मेलन के प्रेजेंटेशन के दौरान कहा, 'आज हम सोशल मीडिया कंपनी के रूप में जाने जाते हैं लेकिन हमारा डीएनए उस कंपनी का है, जो लोगों को जोड़ने के लिए टेक्नोलॉजी बनाती है। मेटावर्स, सोशल नेटवर्किंग की तरह ही अगला फ्रंटियर है। अब से, हम मेटावर्स-फर्स्ट होने जा रहे हैं, फेसबुक-फर्स्ट नहीं।"

कंपनी के अनुसार वो सोशल मीडिया से आगे वर्चुअल रियलिटी में अपनी पहुँच बढ़ाएगी।

Facebook change his name meta

• क्या-क्या बदला और क्या-क्या नहीं बदला?

कंपनी की सिर्फ ब्रांडिंग को बदला गया है अर्थात फेसबुक कंपनी को अब Meta Inc. के नाम से जाना जाएगा। कंपनी के मुख्यालय पर अब मेटा नाम लिखा जाएगा न कि फेसबुक।नाम में यह परिवर्तन सिर्फ परेंट कंपनी फेसबुक के लिए ही है। इनके अलग-अलग प्लेटफार्म जैसे - फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप आदि के नाम में कोई परिवर्तन नहीं होगा।

फेसबुक एप का भी नाम नहीं बदला है और न ही इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और फेसबुक मैसेंजर का नाम बदला है। कंपनी के विभिन्न पदों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन 1 December 2021 से कंपनी के स्टॉक का स्टिकर MVRS के नाम से होगा। कंपनी के मुख्यालय में थंब वाला (लाइक) Logo अब हटा दिया गया है और उसकी जगह नया Logo है जो कि इनफिनिटी जैसा है।

• अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. 01. सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने अपना कॉर्पोरेट नाम बदलकर क्या रखा है?

Ans : सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने अपना कॉर्पोरेट नाम बदलकर मेटा (Meta) रख लिया है।

Q. 02. सोशल मीडिया कंपनी मेटा (Meta) के सीईओ कौन है?

Ans : सोशल मीडिया कंपनी मेटा (Meta) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग है।

Q. 03. मेटा (Meta) का क्या अर्थ होता है?

Ans : फेसबुक के CEO मार्क जकरबर्ग के अनुसार Meta का ग्रीक भाषा में अर्थ 'Beyond' होता है अर्थात 'हद से पार'। कहने का मतलब है कि फेसबुक अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कहीं ज्यादा आगे बढ़कर ‘एम्बॉइडेड एंटरनेट’ पर कार्य करेगी, जिसमें रीयल और वर्चुअल दुनिया का जुड़ाव पहले से कहीं अधिक होगा।

Q. 04. मेटावर्स (Metaverse) क्या है?

Ans : मेटावर्स इंटरनेट की एक नई दुनिया है जहां लोग उपस्थित न होते हुए भी मौजूद रहेंगे। मेटावर्स (Metaverse) शब्द का इस्तेमाल डिजिटल दुनिया में वर्चुअल और इंटरेक्टिव स्पेस को समझाने के लिए किया जाता है।

मेटावर्स में आप वर्चुअली रूप से वो सभी काम कर सकेंगे जो आप आमतौर पर रियल लाइफ करते हैंं। मार्क जुकरबर्ग ने मेटावर्स को एक वर्चुअल एनवायरमेंट (आभासी वातावरण) बताया है।

Q. 05. फेसबुक कंपनी के लिए मेटा (Meta) नाम का सुझाव किसने दिया था?

Ans : फेसबुक के फॉर्मर सिविक इंटीग्रिटी चीफ समिध चक्रवर्ती की तरफ से यह नया नाम सुझाया गया था।

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