मैन बुकर पुरस्कार 2021 - डेमन गलगुट बने विजेता

man booker award 2021 winner

मैन बुकर पुरस्कार 2021 (The Booker Prize 2021) - दक्षिण अफ्रीका के उपन्यासकार डेमन गलगुट (Damon Galgut) ने 3 नवंबर 2021 को अपने उपन्यास 'द प्रॉमिस' के लिए 2021 का बुकर पुरस्कार (Booker Prize 2021) जीता। डेमन को उनकी पिछली दो पुस्तकों के लिए चुना गया था, जिसमें से उन्हें रंगभेद के बाद दक्षिण अफ्रीका में एक श्वेत परिवार के चित्रण के लिए दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कारों के लिए चुना गया। बता दें कि डेमन को इससे पहले 2003 और 2010 में दो बार शॉर्टलिस्ट किया गया था।



सनद रहे कि 'द प्रॉमिस' डेमन गलगुट की नौवीं पुस्तक है, जिसे पहले से ही स्वार्ट परिवार के अपने खतरनाक और धूमिल मजाकिया चित्र के लिए आलोचकों से सराहना मिल चुकी थी। इस साल एक बार फिर अमेरिकी लेखकों ने बुकर पुरस्कार की शॉर्टलिस्ट पर अपना दबदबा बनाया, जिसमें तीन फाइनलिस्ट थे। जिसमें 'बेविल्डरमेंट' के लिए रिचर्ड पॉवर्स, 'ग्रेट सर्कल' के लिए मैगी शिपस्टेड और 'नो वन इज़ टॉकिंग अबाउट दिस' के लिए पेट्रीसिया लॉकवुड थे।

यह भी पढ़े : मैन बुकर पुरस्कार विजेताओं की सूची (1969-2021)

बता दें कि बुकर पुरस्कार हर साल अंग्रेजी में लिखे गए और ब्रिटेन या आयरलैंड में प्रकाशित सर्वश्रेष्ठ उपन्यास को दिया जाता है, इस साल 2021 में 158 उपन्यासों में से डेमन गलगुट के उपन्यास को विजेता चुना गया। साल 2020 में यह पुरस्कार स्कॉटलैंड के लेखक डगलस स्टुअर्ट को 'शग्गी बैन' के लिए दिया गया था।





मैन बुकर पुरस्कार : मुख्य तथ्य
मैन बुकर पुरस्कार की स्थापना वर्ष 1969 में इंगलैंड की बुकर मैकोनल कंपनी द्वारा की गई। इसमें 50,000 पाउंड (करीब 50 लाख रुपये) की राशि विजेता लेखक को दी जाती है। बुकर पुरस्कार हर साल अंग्रेजी में लिखे गए और ब्रिटेन या आयरलैंड में प्रकाशित सर्वश्रेष्ठ उपन्यास को दिया जाता है। मैन बुकर पुरस्कार हेतु पहले उपन्यासों की एक सूची तैयार की जाती है और फिर पुरस्कार वाले दिन पुरस्कार विजेता की घोषणा की जाती है।


– मैन बुकर पुरस्कार फ़ॉर फ़िक्शन को लघु रुप में मैन बुकर पुरस्कार या बुकर पुरस्कार भी कहा जाता है।
– यह पुरस्कार राष्ट्रकुल (कॉमनवेल्थ) या आयरलैंड के नागरिक द्वारा लिखे गए मौलिक अंग्रेजी उपन्यास हेतु प्रति वर्ष प्रदान किया जाता है।
– पहला बुकर पुरस्कार अलबानिया के उपन्यासकार इस्माइल कादरे को दिया गया था।
– अभी तक कुल 5 बार यह पुरस्कार भारतीय मूल के लेखकों– वी.एस. नाइपॉल, अरुंधति राय, सलमान रश्दी, किरण देसाई और अरविंद अडिग को दिया गया है।

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