बिना परीक्षा दिए सुपरवाइजर बनेंगी 75 % आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
प्रयागराज : आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जल्द ही प्रमोशन मिलेगा। 75 प्रतिशत कार्यकर्ताओं को बिना लिखित परीक्षा के सुपरवाइजर बनाया जाएगा। इसके लिए सूची तैयार की जा रही है। जिन कार्यकर्ताओं ने न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा दी है, उन्हें सुपरवाइजर बनने का मौका मिलेगा। सूबे में सुपरवाइजर के तीन हजार से अधिक पद इस समय खाली हैं। जबकि जिले में कुल 76 पद रिक्त चल रहे हैं।
खाली पदों को भरने के लिए 25 प्रतिशत पदों पर लिखित परीक्षा के जरिए सुपरवाइजर की नियुक्ति होगी। इसके लिए अधीनस्थ आयोग के जरिए भर्ती प्रक्रिया पूरी होगी। जिले में कुल 4499 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद स्वीकृत हैं। जिनमें से 4193 पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तैनाती हैं। इनमें से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रमोशन लेकर दूसरे शहर में काम करने नहीं जाना चाहती। लेकिन, जो कार्यकर्ता दस साल की सेवा न्यूनतम पूरी कर चुकी हैं, उन्हें प्रमोशन सूची में शामिल किया जाएगा और बिना लिखित परीक्षा दिए वह सुपरवाइजर बनाई जाएंगी। इसके अलावा सूबे में ग्रुप सी में कनिष्ट लिपिक के भी 1200 पद खली हैं। आखिरी बार 2003 में भर्ती हुई थी। उसके बाद से अधीनस्थ के तहत भर्ती प्रक्रिया का इंतजार अभ्यर्थी कर रहे हैं। जिले में कुल 29 पद ग्रुप सी के हैं, जिनमें से मात्र पांच की नियुक्ति है। इसके अलावा 306 आंगनबाड़ी, 13 मिनी आंगनबाड़ी, 406 सहायिकाओं के भी पद भी खाली हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार राव ने बताया कि सुपरवाइजर के पदों पर 75 प्रतिशत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रमोशन मिलेगा। यानी इन्हें लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी। प्रमोशन सूची तैयार की जा रही है, जो शासन को भेजी जाएगी। शासन की मंशा के अनुरूप सुपरवाइजर की तैनाती अलग जिलों में होती है। प्रमोशन सूची में जिनका नाम शामिल होगा, वह चाहे तो प्रमोशन ले अथवा न ले। जिले में इस समय सुपरवाइजर के 76 पद खाली हैं। पदों को भरे जाने की प्रक्रिया शासन स्तर पर चल रही है।
खाली पदों को भरने के लिए 25 प्रतिशत पदों पर लिखित परीक्षा के जरिए सुपरवाइजर की नियुक्ति होगी। इसके लिए अधीनस्थ आयोग के जरिए भर्ती प्रक्रिया पूरी होगी। जिले में कुल 4499 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद स्वीकृत हैं। जिनमें से 4193 पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तैनाती हैं। इनमें से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रमोशन लेकर दूसरे शहर में काम करने नहीं जाना चाहती। लेकिन, जो कार्यकर्ता दस साल की सेवा न्यूनतम पूरी कर चुकी हैं, उन्हें प्रमोशन सूची में शामिल किया जाएगा और बिना लिखित परीक्षा दिए वह सुपरवाइजर बनाई जाएंगी। इसके अलावा सूबे में ग्रुप सी में कनिष्ट लिपिक के भी 1200 पद खली हैं। आखिरी बार 2003 में भर्ती हुई थी। उसके बाद से अधीनस्थ के तहत भर्ती प्रक्रिया का इंतजार अभ्यर्थी कर रहे हैं। जिले में कुल 29 पद ग्रुप सी के हैं, जिनमें से मात्र पांच की नियुक्ति है। इसके अलावा 306 आंगनबाड़ी, 13 मिनी आंगनबाड़ी, 406 सहायिकाओं के भी पद भी खाली हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार राव ने बताया कि सुपरवाइजर के पदों पर 75 प्रतिशत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रमोशन मिलेगा। यानी इन्हें लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी। प्रमोशन सूची तैयार की जा रही है, जो शासन को भेजी जाएगी। शासन की मंशा के अनुरूप सुपरवाइजर की तैनाती अलग जिलों में होती है। प्रमोशन सूची में जिनका नाम शामिल होगा, वह चाहे तो प्रमोशन ले अथवा न ले। जिले में इस समय सुपरवाइजर के 76 पद खाली हैं। पदों को भरे जाने की प्रक्रिया शासन स्तर पर चल रही है।
Comments
Post a Comment
Ask me anything here...