सीमेंट क्या है? उत्पादन । प्रकार । घटक
सीमेंट का इतिहास (History of Cement in Hindi) -:
आज से बहुत समय पहले भी घर, इमारत, बिल्डिंग, मंदिर इत्यादि का निर्माण किया जाता था। जिसमें ऐसा पदार्थ प्रयोग होता था जो दीवारों को जकड़े रखता था। परंतु धीरे-धीरे दिन बीत गए गए और 18वीं शताब्दी में सीमेंट के बारे में लोगों को जानकारी मिली।
| सीमेंट (Cement) |
सन 1824 ई. में एक व्यक्ति ने पोर्टलैंड सीमेंट (Portland Coment) का पेटेंट करवाया। इसका नाम पोर्टलैंड इसलिए रखा गया क्योंकि जिस जगह पर इसका निर्माण हुआ उसका नाम भी पोर्टलैंड था। यह सीमेंट चूना, कंक्रीट,वपत्थर और मिट्टी का प्रयोग करके बनाया गया था जिसके कारण इसे पोर्टलैंड सीमेंट (Portland Coment) कहा गया। धीरे धीरे सीमेंट के क्षेत्र में सीमेंट का विकास होता गया और सन 1845 ईस्वी में एशेज जॉनसन नामक व्यक्ति ने पोर्टलैंड सीमेंट को आधुनिक उपयोग करने हेतु बनाया। कई जगह इसको लेकर अनेक मतभेद हैं कि सीमेंट का उपयोग करने वाला प्रथम व्यक्ति कौन था। उस समय की सीमेंट को भी आधुनिक सामग्री से ही बनाया गया था अर्थात जो सामग्री हम सीमेंट बनाने के लिए उपयोग करते हैं वही सामग्री उस समय भी प्रयोग में लाया गया था।
भारत में पहला सीमेंट प्लांट 1904 में पोरबंदर के गुजरात राज्य में स्थापित किया गया परन्तु पहली बार यहां उत्पादन ना हो करके, प्रथम बार सीमेंट का उत्पादन 1904 मद्रास अर्थात चेन्नई में किया गया।
सीमेंट (Cement in Hindi) -:
आजकल भवनों के निर्माण में इमारतों के निर्माण मंदिरों की निर्माण में, मस्जिदों के निर्माण में अर्थात किसी प्रकार की बिल्डिंग अथवा घर को बनाना होता है तो सीमेंट (Cement) का प्रयोग किया जाता है। सीमेंट (Cement), कैल्शियम के सिलीकेट और एलुमिनेट के यौगिकों का मिश्रण होता है। आपको बताते चलें कि कैल्शियम के सिलीकेट और एलुमिनेट के यौगिक का निर्माण कैल्शियम ऑक्साइड, सिलिका, एल्यूमीनियम ऑक्साइड और आयरन ऑक्साइड से बने हुए होते हैं
जब हमें सीमेंट का निर्माण करना होता है तो चूना पत्थर व मृतिका के मिश्रण को एक भट्टी में ऊंचे तापमान पर जलाया जाता है और उसके पश्चात क्लिंकर को जिप्सम के साथ मिलाकर बारीक पीसा जाता है। इस प्रकार बारीक पीसने के बाद जो उत्पाद में प्राप्त होता है उसे साधारण पोर्टलैंड सीमेंट कहते हैं।
सीमेंट का उत्पादन (Production of Cement in Hindi) -:
सीमेंट (Cement) को बनाने के लिए सर्वप्रथम अर्ज़िलेसियस और केलकेरियस पदार्थों को निश्चित अनुपात में मिलाकर जलाया जाता है तथा 1500℃ का तापमान पर आंशिक Fusion किया जाता है। इस प्रकार प्राप्त पदार्थ को क्लिंकर (Clinker) कहते हैं। इस क्लिंकर को पुनः ठंडा होने दिया जाता है और इसको ठंडा करके पीसा जाता है जिससे सीमेंट की प्राप्ति होती है। यह बहुत ही बारीक पिसी जाती है।
सीमेंट के प्रकार (Types of Cement in Hindi) -:
विभिन्न प्रकार की सीमेन्ट निम्न होती हैं-
1. पोर्टलैन्ड सीमेन्ट (Portland Cement)
2. सफेद सीमेन्ट (White Cement)
3. रंगदार सीमेन्ट (Coloured Cement)
4. शीघ्र सैट होने वाली सीमेन्ट (Quick Setting Cement)
5. उच्च एल्यूमिना सीमेन्ट (High Alumina Cement)
6. निम्न ऊष्मा सीमेन्ट (Low Heat Cement)
7. द्रुत हार्डनिंग सीमेन्ट (Rapid Hardening Cement)
8. ब्लास्ट फर्नेस सीमेन्ट (Blast Furnace Cement)
9. पोजोलाना सीमेन्ट (Pozzolana Cement)
10. वायु एन्ट्रेन्ट सीमेन्ट (Air Entrant Cement)
कच्चे सीमेंट के घटक/अवयव/मिश्रण (Composition/Components of Cement in Hindi) -:
कई बार लोग सीमेंट के रासायनिक सूत्र को जानने का प्रयास करते हैं परंतु मैं उनको बता दूं सीमेंट का कोई रासायनिक फार्मूला नही होता है बल्कि ये कई अवयव से मिलकर बना होता है जो नीचे दिया गया है -
1. लाइम (CaO) - 60 से 67%
2. सिलिका (SiO2) - 17 से 25%
3. एल्यूमिना (Al203) - 3 से 8 %
4. आयरन ऑक्साइड (Fe2O3) - 0.5 से 6%
5. जिप्सम (CaSO4) - 3.4%
6. मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) - 0.5 से 4%
7. सल्फर ट्राइऑक्साइड (SO3) - 1 से 2%
8. क्षार (पोटाश/सोडा) (Na2O.K20) - 0.5 से 1%
Comments
Post a Comment
Ask me anything here...