कम्पोजिट पदार्थ (Composite Materials) किसे कहते हैं? उनके नाम और प्रकार

कम्पोजिट पदार्थ (Composite Material Definition in Hindi) -:

जब दो या दो से अधिक पदार्थों को आपस में मिलाकर के नया पदार्थ का निर्माण किया जाता है उसे कम्पोजिट पदार्थ (Composite materials) कहते हैं। कम्पोजिट पदार्थों को बनाने के लिए जिन पदार्थ को आपस में मिलाया जाता है उनके भौतिक और रासायनिक गुण अलग-अलग होते हैं। कम्पोजिट पदार्थ (Composite materials) का निर्माण करने से यह फायदा होता है कि जो गुण किसी एक पदार्थ या एक तत्व में नहीं होते हैं वह गुण, पदार्थों को आपस में मिलाकर के प्राप्त किए जा सकते हैं। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि कम्पोजिट पदार्थों (Composite materials) का निर्माण करने से विशेष और महत्वपूर्ण गुणों की प्राप्ति होती है।

कम्पोजिट पदार्थ (Composite Material Definition in Hindi) - प्रकार और नाम

अलग-अलग कम्पोजिट पदार्थों का निर्माण करने से अलग-अलग प्रकार के गुण प्राप्त होते हैं जैसे - पदार्थ का हल्का होना, सामर्थ्यवान होना, उच्च तापसह पदार्थ होना, मजबूत होना, कठोर होना इत्यादि जैसे गुण सम्मलित होते हैं। कम्पोजिट पदार्थों की गुणों का व्याख्या करना बहुत ही मुश्किल कार्य है।

आधुनिक समय में इंजीनियर से विशेष प्रकार के कम्पोजिट पदार्थों का निर्माण कर रहे हैं, जिसका घनत्व कम हो, वह मजबूत हो, टिकाऊ हो तथा संक्षारण रोधी हो, प्रतिरोधी हो जैसे अनेकों गुण को प्राप्त करने वाले पदार्थ के निर्माण में लगे हैं। कभी-कभी कम्पोजिट पदार्थों को आवश्यकता अनुसार भी बनाया जाता है।

आवश्यकतानुसार गुण प्राप्त करने के लिए दो या दो से अधिक पदार्थों को आपस में मिलाकर के नया पदार्थ बनाया जाता है जिससे आवश्यकतानुसार गुण और सामर्थ्य, उष्मा प्रतिरोध, स्टिफनेस इत्यादि जैसे गुण प्राप्त कर सकें।


प्रमुख कम्पोजिट पदार्थ के नाम -:

● लकड़ी

● ग्लास फाइबर

● कार्बन फाइबर 

● प्लाईवुड

● कंक्रीट

● केल्वार

● ग्लेयर

● मिसाइल

● प्लास्टिक 

● बाथटब


कम्पोजिट पदार्थ के प्रकार (Types of Composites Materials in Hindi) -:

कम्पोजिट पदार्थ को चार भागों में बांटा गया है जो निम्न हैं -

1. मैट्रिक्स फेज (Matrix Phase)

2. पॉलीमर-मैट्रिक्स कम्पोजिट पदार्थ (Polymer Matrix Composites)

3. कॉर्बन फाइबर प्रबलित पालीमर (Corbon Fiber Reinforced Polymer Composites)

4. ग्लास फाइबर प्रबलित पालीमर कम्पोजिट (Glass Fiber Reinforced Polymer Composites)


1. मैट्रिक्स फेज (Matrix Phase) -:

कम्पोजिट पदार्थ मैट्रिक्स फेज में को बनाने के लिए धातु, पालीमर या सिरेमिक में से कोई भी पदार्थ हो सकता है। मैट्रिक्स फेज, फाइबर वाले कम्पोजिट पदार्थ के अंतर्गत आता है। सामान्यतः धातु और पॉलीमर्स को मैट्रिक्स मटेरियल की तरह प्रयोग में लाया जाता है। इनको मैट्रिक्स मटेरियल में प्रयोग करने का प्रमुख कारण यह है कि मैट्रिक्स फेज वाले कम्पोजिट पदार्थो मे धातु और पॉलीमर के तन्यता की आवश्यकता होती है।


2. पॉलीमर-मैट्रिक्स कम्पोजिट पदार्थ (Polymer Matrix Composites) -:

इसका संक्षिप्त नाम PMC होता है। पॉलीमर-मैट्रिक्स कम्पोजिट पदार्थ का निर्माण में उच्च भार वाली पालीमर रेजिन, मैट्रिक्स के रुप में प्रयोग की जाती है। इस कंपोजिट पदार्थ में फाइबर इसलिए लगाया जाता है ताकि वह सामर्थ्य प्राप्त कर सके। मैट्रिक्स के रूप में प्रयोग की जाने वाली पॉलीमर रेजिन में पॉलिएस्टर और विनायल इस्टर्स होते हैं


3. कॉर्बन फाइबर प्रबलित पालीमर (Corbon Fiber Reinforced Polymer Composites) -:

इसको संक्षिप्त में CFRP कम्पोजिट पदार्थ कहा जाता है। इस पदार्थ में सामर्थ्य को प्रदान करने के लिए कार्बन और फाइबर का उपयोग किया जाता है। इस कम्पोजिट पदार्थ में कार्बन फाइबर मिलाने से निम्न लाभ होते हैं -

● विशिष्ट सामर्थ्य प्राप्त करने के लिए फाइबरों में कार्बन फाइबर का इस्तेमाल सबसे अधिक किया जाता है।

● कार्बन फाइबर मिलाने के फलस्वरुप इनके यांत्रिक और भौतिक गुणों में वृद्धि हो जाती है।

● जिन फाइबर्स में कार्बन फाइबर मिलाया जाता है वह उच्च तनन सामर्थ्य और उच्च तापमान पर अपनी उच्च सामर्थ्य बनाए रखती हैं।

● इन फाइबर पर नमी का अधिक प्रभाव नहीं पड़ता है।


4. ग्लास फाइबर प्रबलित पालीमर कम्पोजिट (Glass Fiber Reinforced Polymer Composites) -:

यह ऐसा कम्पोजिट पदार्थ होता है जिसमें पॉलीमर मैट्रिक्स के अंदर ग्लास फाइबर को लगाया गया होता है। इस कम्पोजिट पदार्थ का उपयोग बहुत अधिक किया जा रहा है। उपयोग होने के कारण इसकी उत्पादन क्षमता भी बढ़ गई है। इस कंपोजिट पदार्थ के फाइबर में ग्लास उपयोग करने के निम्न लाभ है -

● जब यह कम्पोजिट पदार्थ विभिन्न प्लास्टिको के साथ जोड़ने पर बनते हैं तो यह रासायनिक रूप से निष्क्रिय होते हैं जिसके कारण इन पर संक्षारण का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

● यह कम्पोजिट पदार्थ फाइबर रूप में मजबूत होता है और जब इसको प्लास्टिक मैट्रिक के साथ जोड़ा जाता है तो उत्पादित कम्पोजिट पदार्थ को उचित सामर्थ्य प्राप्त हो जाती है।

● जब यह कम्पोजिट पदार्थ पिघली अवस्था में होता है तो इसे उच्च सामर्थ्य वाली फाइबर आसानी से बनाया जा सकता है।

● इसको ग्लास प्रबलित फाइबर के रुप में आसानी से फैब्रिकेट किया जा सकता है।


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