Porcelain या Ceramic क्या है? गुण & उपयोग

पोर्सिलेन या सिरेमिक (Porcelain or Ceramic in Hindi)

पोर्सिलेन या सिरेमिक (Porcelain or Ceramic in Hindi) -:

यह ऐसा पदार्थ होता है जिसे विशेष प्रकार की मिट्टी से बनाया जाता है। सिरेमिक या पोर्सिलेन (Porcelain or Ceramic) को उत्तम श्रेणी का विद्युतरोधी पदार्थ भी माना जाता है। इसका प्रयोग विद्युत कार्यों में विद्युतरोधी पदार्थों के रूप में किया जाता है। जिस मिट्टी से यह बनाया जाता है उसमें पोर्सिलेन एल्युमीना सिरेमिक टैल्क होता है। पोर्सिलेन एल्युमीना सिरेमिक टैल्क ऐसा पदार्थ है जिसमें स्ट्रीटटाइट तथा टिटनेट्स या वैरियम टिटनेट्स होते हैं।

सिरेमिक या पोर्सिलेन का उत्पादन करने के लिए सिलिका, एलुमिना, मैग्नीशिया, बोरान ऑक्साइड तथा जीरकोनियम इत्यादि का मिश्रण को तैयार करके उपयोग में लाया जाता है। इन सभी पदार्थों को मिला करके विशेष गुण से युक्त परावैद्युत पदार्थ निर्माण किए जाते हैं। जिनका उपयोग विशेष कार्यों के लिए किया जाता है। सिरेमिक या चीनी मिट्टी से जो पदार्थ से बने होते हैं वे सामान्य तापमान पर अच्छे मौसम प्रतिरोधी होने का गुण अपने अंदर रखते हैं।


सिरेमिक या पोर्सिलेन के गुण (Properties of Porcelain or Ceramic in Hindi) -:

1) ये पदार्थ सुख जाने पर भंगुर होती है।

2) सिरेमिक की तनन सामर्थ्य 0.2 - 0.56 × 10^-2 Kg/Cm^2 होती है।

3) कई ऐसे सिरेमिक पदार्थ होते हैं जो उच्च तापमान पाने पर सुपर कंडक्टिविटी का गुण प्रदर्शित करते हैं

4) इस पदार्थ का विशिष्ट गुरुत्व 2.2 से 4.8 तक होता है।

5) सिरेमिक की सरंध्रता 0.1 % होती है।

6) इस पदार्थ के अंदर पानी को अवशोषण करने की क्षमता 0.5% से 2.5% तक होती है।

7) जब सिरेमिक को 1500℃ से 1700℃ का तापमान दिया जाता है तो यह कार्य करने योग्य बन जाते हैं।

8) कुछ सिरेमिक विद्युत के अर्धचालक होते हैं।


सिरेमिक या पोर्सिलेन के उपयोग (Uses of Porcelain or Ceramic in Hindi) -:

1) पोर्सिलेन का प्रयोग वोल्वो की खोल बनाने के लिए किया जाता है

2) ट्रांसफार्मरों में बुशिंग के लिए भी पोर्सिलेन को ही उपयोग में लाया जाता है।

3) तेल के परिपथ में नियोजकों के रूप में और फ्यूज एंटीना के पृथक्कारी के रूप में पोर्सिलेन का प्रयोग किया जाता है।

4) इसका उपयोग उच्च वोल्टता वाली ट्रांसमिशन लाइनों में डिस्क पृथक्कारी या निलंबन पृथक्कारी के रूप में किया जाता है।

5) इलेक्ट्रॉनिक के क्षेत्र में श्रेणी संधारित्र का प्रयोग बहुत बड़े पैमाने पर किया जाता है।

6) सिरेमिक का उपयोग करके किसी भी आकृति की स्टेक डिस्क, ट्यूब, रॉड और बर्तन का निर्माण किया जा सकता है।

7) सिरेमिक या पोर्सिलेन का उपयोग विद्युत हीटर के निर्माण में भी किया जाता है।

8) वाल्व और स्कार्प प्लग के विद्युत रोधक के कार्य के लिए पोर्सिलेन या सिरेमिक का उपयोग किया जाता है।

9) क्वायल, तार कुंडली प्रतिरोधक, थर्मोकपिल के पृथक्कारी के लिए भी इसी पदार्थ का उपयोग करते हैं।

10) मिट्टी के बर्तन, टाइल्स इत्यादि जैसे पदार्थो को बनाने के लिए भी सिरेमिक या पोर्सिलेन पदार्थ का उपयोग किया जाता है।

Comments

Popular posts from this blog

Gove confirms mandatory housebuilding targets for councils will be abolished in face of Tory rebellion – UK politics live

Kotak Mahindra Bank Recruitment 2022 Released for Graduate Candidates And Apply Online