Resistive Transducer in Hindi : परिभाषा , कार्य सिद्धांत तथा उपयोग - हिंदी इलेक्ट्रिकल डायरी

 Resistive Transducer क्या होता है?

यदि किसी पदार्थ का प्रतिरोध पर्यावरण में होने वाली परिवर्तन की वजह से बदलता है तब उस पदार्थ को Resistive प्रतिरोध कहा जाता है। पदार्थ के प्रतिरोध में होने वाली इस परिवर्तन को ए०सी या डीसी वोल्टेज को मापने वाली डिवाइस से मापी जाती है। कम्पन,तापमान , विस्थापन आदि जैसे भौतिक राशि को मापने के लिए Resistive Transducer का उपयोग किया जाता है। पर्यावरण में होने वाली परिवर्तन से सम्बंधित भौतिक राशि को मापना आसान नहीं होता है। Resistive Transducer का आंतरिक प्रतिरोध इन परिवर्तन की वजह से बदलता रहता है। प्रतिरोध में होने वाली इस परिवर्तन को आसानी से मापा जा सकता है। चूँकि प्रतिरोध में होने वाली परिवर्तन पर्यावरण में होने वाली परिवर्तन पर निर्भर करता है इसलिए प्रतिरोध का माप ,पर्यावरण से सम्बंधित भौतिक राशि के माप के समानुपाती होता है। 

Resistive Transducer का कार्य सिद्धांत क्या है? 

हम सभी जानते है की किसी भी वस्तु का आंतरिक प्रतिरोध उसके लम्बाई के समानुपाती तथा अनुप्रस्थ क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अर्थात लम्बाई तथा अनुप्रस्थ क्षेत्रफल पर निर्भर करता है। जिसे निम्न सूत्र द्वारा ज्ञात किया जाता है :-
R = \rho \frac{L}{A}
जिसमे 
 R = वस्तु का आंतरिक प्रतिरोध 
L = वस्तु की लम्बाई 
A = अनुप्रस्थ क्षेत्रफल 
𝝆 = वस्तु की प्रतिरोधकता 
उपर दिए गए फार्मूला में से यदि किसी भी भौतिक राशि (L,A या 𝝆) में परिवर्तन होगा तब वस्तु का आंतरिक प्रतिरोध भी बदलेगा। और ये राशिया पर्यावरण में होने वाली परिवर्तन की वजह से बदलती है। जैसे यदि पर्यावरण का तापमान बदलेगा तब Transducer का आंतरिक प्रतिरोध बदलेगा जिसे आसानी से ओम मीटर द्वारा मापा जा सकता है। प्रतिरोध में होने वाली इस परिवर्तन को तापमान के पाठ्यांक में दिखाया जा सकता है। Resistive Transducer प्राइमरी तथा सेकेंडरी ,दोनों के रूप में उपयोग किया जाता है। 

Resistive Transducer का उपयोग क्या है?

Resistive transducer का निम्न उपयोग है :-
  • ज्यादातर इसका उपयोग तापमान मापने वाले डिवाइस में किया जाता है। 
  • पोटेंसियोमीटर ,स्ट्रेन गेज ,थर्मिस्टर आदि डिवाइस Resistive Transducer का उपयोग करते है। 
  • विस्थापन मापने वाली डिवाइस में भी Resistive Transducer का उपयोग किया जाता है। 
  • अर्द्धचालक पदार्थ का प्रतिरोध भी तापमान बदलने से बदलता है। इसलिए इसका उपयोग बल ,विस्थापन ,दाब आदि को मापने के लिए किया जाता है। 

Resistive Transducer उपयोग के लाभ क्या है ?

Resistive Transducer उपयोग के निम्न लाभ है :-
  • ये बाहरी वातावरण में होने वाले परिवर्तन के प्रति संवेदनशील होते है। 
  • ये विभिन्न आकार में आसानी से मिल जाते है और इनका प्रतिरोध भी उच्च होता है। 
  • ये DC एवं AC दोनों में कार्य करते है। 
  • ये बहुत सस्ते होते है। 
  • इनका उपयोग करना बहुत ही आसान होता है। 
  • इनकी विधुत से संबंधित दक्षता(efficiency) बहुत ज्यादा होती है। 

Resistive Transducer उपयोग का हानि क्या है ?

जब इसका उपयोग किया जाता है तब स्लाइडिंग कांटेक्ट को घुमाने के लिए बहुत ही ज्यादा मात्रा में उर्जा की जरूरत पड़ती है। चूँकि स्लाइडिंग कांटेक्ट मजबूती से एक दुसरे से चिपके हुए होते है इसलिए इनको घुमाते समय आवाज़ भी उत्पन्न होती है। इसका उपयोग मैकेनिकल से संबंधित भौतिक राशिय जैसे बल ,विस्थापन ,स्ट्रेन गेज आदि को विधुत सिग्नल में बदलने के लिए किया जाता है। 

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