सिलिका की ईंट क्या है? गुण और उपयोग - Silica Bricks in Hindi

सिलिका की ईंट (Silica Bricks) -:

सिलिका की ईंट में अम्लीय लक्षण होते हैं जिसके फलस्वरूप यह क्षारीय धातुमल की रासायनिक अभिक्रिया को आसानी से सहन कर लेती है सिलिका ईंट बहुत कठोर होने के साथ-साथ, बहुत ही उच्च तापसह की होती हैं। सिलिका ईंट (Silica Bricks) अपनी कठोरता के कारण 1600℃ का तापमान और 4Kg/cm के दाब को सहन करने का अपने अंदर सामर्थ्य रखती हैं परंतु यह तापीय झटके को सहन नही कर पाती हैं क्योंकि तापीय झटके के विरुद्ध इनका सामर्थ्य बहुत ही कम होता है।

जब सिलिका को ऊंचे तापमान पर गर्म किया जाता है तो इसका प्रसार अधिक होता है। सिलिका अपने तीन रूपों में सबसे अधिक पाई जाती है, यह तीन रूप निम्न है।

●क्वार्टज

●क्रिस्टोबैलाइट

●ट्रीडाईमाइट


सिलिका की ईंट - Silica Bricks in Hindi

सिलिका की ईंटे

जब सिलिका 870 ℃ के नीचे के तापमान पर होता है तो इसे क्वार्टज कहा जाता है और जब क्वार्टज को 870℃ से थोड़ा ऊपर गर्म करते हैं तो यह पहले क्रिस्टोबैलाइट बनता है और उसके बाद धीरे-धीरे ट्रीडाईमाइट में बदल जाता है। उसके बाद ये कभी भी अपने क्वार्टज रूप में नहीं बदलते हैं। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता रहता है उनके आयतन में वृद्धि होती रहती है सिलिका का घनत्व 2.65 ग्राम प्रति सेंटीमीटर^3 होता है। जब तापमान 1470℃ और 1713℃ के बीच मे होता है तो यह सिलिका के क्रिस्टोबैलाइट का स्थायी रूप होता है जो बाद में नही बदलता है। जब ट्रीडाईमाइट का परिवर्तन क्रिस्टोबैलाइट में होता है तो सिलिका के आयतन में कमी आती है।

सिलिका ईंट को जब माइक्रोस्कोप से देखा जाता है तो केवल ट्रीडाईमाइट और क्रिस्टोबैलाइट की सूक्ष्म संरचना ही दिखाई देती है।

सिलिका ईटो का प्रयोग उस भट्टी में सबसे अधिक उपयुक्त रहता है जहां का तापमान उच्च होने के साथ समान हो। सिलिका ईंट को अर्धसिलका इंटे भी कहा जाता है। लाइम वांडेड ईंटो को सिलिका ईंट ही कहते हैं। लाइम वांडेड ईंटो में उच्च ताप सहन करने का सामर्थ्य अधिक होता है


सिलिका ईंट के गुण (Properties of Silica Bricks in Hindi) -:

1. सिलिका ईट में अम्लीय लक्षण होता है।

2. सिलिका ईंट क्षारीय धातु से क्रिया को सहन कर लेते हैं।

3. सिलिका इंटे बहुत ही कठोर होती हैं।

4. सिलिका ईंट में उच्च ताप सहन करने का सामर्थ्य होता है।

5. सिलिका ईंट को अर्धसिलिका ईंट भी कहा जाता है।

6. सिलिका इंट 1600℃ का ताप सहन कर लेती हैं।

7. सिलिका ईंट 4 किग्रा प्रति सेंटीमीटर दाब को सहन करने का सामर्थ्य रखती हैं।

8. सिलिका ईंट को  माइक्रोस्कोप से देखने पर ट्रीडाईमाइट तथा क्रिस्टोबैलाइट की सूक्ष्म संरचना दिखती है।


सिलिका ईंट के उपयोग (Uses of Silica Bricks in Hindi) -:

1. सिलिका ईट उस भट्टी के लिए उपयुक्त है जहां पर उच्च तापमान समान रहता है।

2. इन ईटों का उपयोग अग्नि स्थानों पर सबसे अधिक किया जाता है।

3. अग्नि सेतु (Fire Bridge) के निर्माण के लिए भी सिलिका ईंट ही उपयोग में लाई जाती है।

4. अम्लीय और क्षारीय खुली हर्थ भट्टीयों की छतों में भी सिलिका ईट लगाया जाता है।

5. विद्युत भट्टीयों के निर्माण के लिए भी इसी ईंट का प्रयोग किया जाता है।

6. कॉपर स्मेल्टिंग और शुद्धीकरण भट्टीयों में सिलिका ईट उपयोग में लाई जाती है।

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