Maharana Pratap Shayari (Maharana Pratap Jayanti Shayari) – महाराणा प्रताप के शौर्य और वीरता की गाथा बहुत ही रोचक और अद्भुत हैं जिसे सुनकर रोम-रोम ऊर्जावान हो जाता हैं. महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई, 1540 ईस्वी को राजस्थान के कुंभलगढ़ दुर्ग में हुआ था।
लेकिन उनकी जयंती हिन्दी तिथि के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है। महाराणा प्रपात में कितना शौर्य और साहस रहा होगा जिसकी वजह से अकबर भी उनसे डरता था. तभी तो कभी राणा के सम्मुख नहीं आया. अगर अकबर राणा के सम्मुख आया होता तो उसकी मृत्यु निश्चित थी. अगर उस समय भारतीय राजा आपसी मतभेद भुला देते तो अकबर जैसे लुटेरे दिल्ली की गद्दी पर नहीं बैठते।
कुछ गद्दारों ने भारत माँ के शीश को झुका दिया तो कुछ वीर सपूतों ने भारत माँ का सिर गर्व से उठा दिया। उनके पिता महाराजा उदयसिंह और माता राणी जीवत कंवर थीं। वे राणा सांगा के पौत्र थे। महाराणा प्रताप को बचपन में सभी 'कीका' नाम लेकर पुकारा करते थे। महाराणा प्रताप की जयंती विक्रमी संवत कैलेंडर के अनुसार प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाई जाती है।
Maharana Pratap Shayari
प्रताप के ''शौर्य'' की गाथा हर कोई सुनाएगा गाकर.
मातृभूमि भी धन्य हो गई #प्रताप जैसा पुत्र पाकर,
हल्दीघाटी के युद्ध में, दुश्मन में #कोहराम मचाया था,
देख वीरता #राजपूताने की , दुश्मन भी थर्राया था। ❞
महाराणा प्रताप जयंती की शुभकामनाएं
फीका_पड़ता था तेज़ सुरज का, जब #माथा ऊंचा तु करता था।
फीकी हुई ''बिजली'' की चमक, जब-जब प्रताप_आंखे खोला करता था॥
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| Maharana Pratap Shayari |
इकबाल था #बुलंद, उसे धूल कर दिया,
मद जिसका था 'प्रचंड', सारा दूर कर दिया,
राणा प्रताप इकलौते, थे ऐसे वीर जिसने
अकबर का सारा #घमंड, चूर चूर कर दिया
अपने अच्छे #समय मे अपने कर्म से इतने विश्वास ''पात्र'' बना लो कि बुरा वक्त आने पर वो उसे भी #अच्छा बना दे।
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| Maharana Pratap Quotes In Hindi |
एक शासक का पहला_कर्त्यव अपने राज्य का गौरव और #सम्मान बचाने का होता है।
जो मनुष्य #कर्मवीर होते हैं, यह संसार बस_उन्ही लोगो की सुनता है, इसलिए अपने #जीवन में कर्मवीर बने|
अगर ''सर्प'' से प्रेम रखोगे
तो भी वो अपने "स्वभाव'' के अनुसार डसेगाँ ही।
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| Maharana Pratap Jayanti Quotes In Hindi |
जब-जब ''तेरी'' तलवार उठी,
तो दुश्मन टोली_डोल गयी।
फीकी पड़ी #दहाड़ शेर की,
जब-जब तुने हुंकार भरी॥
अपनो से बङो के आगे_झुक कर समस्त संसार को #झुकाया जा सकता है।
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| Maharana Pratap Jayanti Shayari |
अन्याय, अधर्म, आदि का #विनाश करना पुरे मानव_जाति का कतर्व्य है।
#समय भी एक ताकतवर और दृढ़ #निश्चय वाले मनुष्य का साथ देता है|
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| Maharana Pratap Shayari In Hindi |
अपनो से ''बङो'' के आगे झुक कर समस्त #संसार को झुकाया जा सकता है
हे धर्म हर #हिंदुस्तानी का कि तेरे जैसा बनना है
चलना है अब तो उसी रास्ते जो "प्रताप" ने दिखाया है
हर 'मां' की ये ख्वाहिश है,
कि एक #प्रताप वो भी पैदा करे।
देख के उसकी_शक्ती को,
हर #दुशमन उससे डरा करे॥
ये ''हिन्द'' झूम उठे गुल #चमन में खिल जाएँ,
दुश्मनों के कलेजे, नाम_सुन के हिल जाएँ,
कोई औकात नहीं #चीन-पाक जैसे देशों की
वतन को फिर से जो राणा #प्रताप मिल जाएँ
#मनुष्य का गौरव और आत्मसम्मान
उसकी सबसे बङी "कमाई" होती है।
अतः सदा इनकी_रक्षा करनी चाहिए।
महाराणा #प्रताप से अकबर भी डरता था,
फिर स्वयं को वह "वीर" कैसे कहता था.
भारत माँ का ''वीर'' सपूत, हर हिदुस्तानी को प्यारा हे… कुँअर #प्रताप जी के चरणों में, सत सत नमन_हमारा हे… महाराणा प्रताप जयंती की शुभकामना
करता हूं ''नमन'' में प्रताप को जो #वीरता का प्रतीक है
तू लोह पुरुष, तू मातृ भक्त, तू #अखंडता का प्रतीक है
#राजपुताने की आन है राणा,
राजपुताने की 'शान' है राणा,
वीरों के लिए एक_पैगाम है राणा,
भारत के वीर 'पुत्र' का नाम है राणा.
अपने और अपने #परिवार के अलावा जो अपने राष्ट्र के बारे मे ''सोचे'' वही सच्चा नागरिक होता है।
जब-जब तेरी #तलवार उठी, तो "दुश्मन'' टोली डोल गयी।
फीकी पड़ी #दहाड़ शेर की, जब-जब तुने हुंकार भरी॥
महाराणा प्रताप जयंती की शुभकामना
Maharana Pratap Quotes In Hindi
झुके_नही वह मुगलोँ से,
अनुबंधों को #ठुकरा डाला
मातृ 'भूमि' की भक्ति का,
नया प्रतिमान बना डाला
आगे "नदिया" पड़ी अपार
घोड़ा कैसे उतरे उस पार,
राणा ने #सोचा इस पार
तब तक 'चेतक' था उस पार.
आज का #योद्धा तो जुबानी #जंग में भी हार जाते हैं
योद्धा तो वो था….
जिसके चेतक और "भाले" की मिशाले आज_तक दी जाती हैं
साहस का #प्रतीक नीले घोड़े पर सवार,
वीरता का "प्रतीक" मेरा मेवाड़ी सरदार.
शत-शत #नमन उस मेवाड़ी प्रताप को
जो अपने भाले से ''दुश्मनों'' को मारे थे,
मातृभूमि की_स्वतन्त्रता के खातिर
कई वर्ष जंगल में गुजारे थे.
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| Quotes On Maharana Pratap |
था साथी ''तेरा'' घोड़ा चेतक,
जिस पर तु #सवारी करता था।
थी तुझमे कोई खास बात,
कि अकबर_तुझसे डरता था॥
प्रताप की #गौरव गाथा हर कोई_सुनाएगा गाकर.
मेवाड़ धरा भी धन्य हो गई #प्रताप जैसा पुत्र पाकर,
खून_अभी वो ही है, ना ही शोक #बदले ना ही जूनून,
सून लो फिर से, "रियासते" गयी है रूतबा नही,
रौब ओर खोफ आज भी वही हें। जय_राजपुताना ।
जंगल में जब’शेर’चैन की नींद सोता है,
तो कुतो को #गलतफेमी हो जाती है,
के इस 'जंगल' में अपना राज है।
यदि इरादा-नेक और मजबूत है, तो #मनुष्य की कभी हार नहीं होती, परन्तु_हमेशा विजय होती है|
तब तक #परिश्रम करते रहो ''मंजिल'' तक ना पहुँच जाओ|
#मातृभूमि के लिए सर्वस्व ''निछावर'' कर जाऊँगा,
वक्त आने पर मैं भी #मेवाड़ी राणा बन जाऊँगा
यू ही यह ''उबाल'' नहीं तेज #भौम की स्तुति का,
नशे सारे किए #मगर नशा अलग है #राजपूताने का
पानी मर्यादा तोड़े तो विनाश और #क्षत्रिय मर्यादा तोड़े तो सर्वनाश ।
मेवाड़ की #माटी को अपनी वीरता से ''धन्य'' करने वाले,
मुगलों के काल, महान-योद्धा महाराणा प्रताप की
जयंती पर उन्हें मेरा #कोटि-कोटि!!
करता हुं ''नमन'' मै प्रताप को,
जो वीरता का #प्रतीक है।
तु लोह-पुरुष तु मातॄ-भक्त,
तु #अखण्डता का प्रतीक है॥
जो #मातृभूमि की स्वतन्त्रता के लिए हर_कष्ट सहन करते हैं,
रण में जो कभी 'हार' नहीं माने उसको #महाराणा प्रताप कहते हैं,
भारत_मां का वीर सपूत, हर #हिदुस्तानी को प्यारा हे,
कुंवर #प्रताप जी के चरणों में, सत_सत नमन हमारा हे।
चढ़ 'चेतक' पर तलवार उठा
रखता था #भूतल पानी को
राणा प्रताप सिर काट काट
करता था #सफल जवानी को
हर #हिन्दुस्तानी को महाराणा_प्रताप जैसा बनना चाहिए,
मातृभूमि की #सेवा के लिए तन-मन-धन से 'तैयार' रहना चाहिए.
#मातृभूमि के लिए सर्वस्व 'निछावर' कर जाऊँगा,
वक्त आने पर मैं भी मेवाड़ी_राणा बन जाऊँगा.
जो दृढ़ राखे ''धर्म'' को तिही राखे करतार
जो इण धर्म रो #पालन करे वो हे मेवाड़ी सरदार
ये हिन्द_झूम उठे गुल चमन में खिल जाएँ,
दुश्मनों के कलेजे नाम_सुन के हिल जाएँ,
कोई औकात नहीं चीन-पाक जैसे देशों की
वतन को फिर से जो "राणा प्रताप'' मिल जाएँ.
हे प्रताप मुझे तु #शक्ती दे,दुश्मन को मै भी हराऊंगा,
मैं हूं तेरा एक अनुयायी, #दुश्मन को मार भगाऊंगा। ❞
महाराणा प्रताप जयंती की शुभकामना।
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| Maharana Pratap Slogan |
शत्रु सफल और #शौर्यवान व्यकति के ही होते है
चिंता को "तलवार" की नोक पर रखे वो राजपूत ,
रेत की नाव लेकर #समंदर से शर्त लगाए वो राजपूत ,
और जिसका सर काटने पर भी,
धड़ दुसमन से #लड़ता रहे वो राजपूत।
#राजपुताना की आन है राणा,
राजपुताना की ''शान'' है राणा,
वीरों के लिए एक पैगाम है राणा,
भारत के वीर "पुत्र" का नाम है राणा.
#दर्द कहां तक पाला जाए,
युद्ध कहां तक टाला जाए,
तू भी है ''राणा' का वंशज,
फेक जहां तक भाला जाए,
समय एक "ताकतवर" और साहसी को ही अपनी #विरासत देता है, अतः अपने रस्ते पर अडिग रहो
द्वंद्व कहाँ-तक पाला जाए, युद्ध कहाँ #तक टाला जाए,
तू वंशज है राणा का, #फेंक जहाँ तक भाला जाए!!
मुगलों के काल, मां ''भारती'' के लाल, महाराणा_प्रताप जी की, जयंती पर नमन !!
#मानवता रो धर्म निभायो है
भेदभाव नी जाण्यो है
हल्दीघाटी रो ''युद्ध'' में लड्या
रणधीरा वी सरदार बणया
वो मेवाड़ी-सिरमौर सू
हल्दीघाटी रे किळा सू
ऐसा वीरा री #ताकत नाप रिया
अपने अखियन सुं तौळ रिया
सूरज का ''तेज'' भी फीका पड़ता था, जब "राणा" तू अपना मस्तक ऊँचा करता था
थी ''राणा'' तुझमें कोई बात निराली इसलिए #अकबर भी तुझसे डरता था
महाराणा_प्रताप जैसे वीर हर #हिन्दुस्तानी को प्यारा हैं,
मेवाड़ी सरदार के चरणों में #शत-शत नमन हमारा हैं.
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| Maharana Pratap Thought In Hindi |
वीरों के ''साथ'' ही वीर रहते हैं,
राणा के घोड़े को #चेतक कहते हैं.
सम्मानहीन ''मनुष्य'' एक मृत व्यक्ति के #समान होता है
इकबाल था ''बुलंद'', उसे धूल कर दिया,
मद जिसका था #प्रचंड, सारा दूर कर दिया,
राणा प्रताप #एकमात्र, ऐसे वीर थे
अकबर का सब घमंड, जिसने_चूर कर दिया.
#प्रताप का सिर कभी नहीं झुका,
इस बात से "अकबर" भी शर्मिंदा था,
मुगल कभी ''चैन'' से सो न सके
जब तक मेवाड़ी_राणा जिन्दा था.
भोर #वीरता और पराक्रम की हर_रात दिखा दी थी,
शौर्य भरा कण कण में "ताक़त" वो अज्ञात दिखा दी थी,
मुग़लों का दम्भ निचोड़ दिया #इतिहास गढ़ा तुमने राणा
मेवाड़ धरा के #दुश्मन को उसकी औक़ात दिखा दी
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