Abortion गर्भ गिराने के घरेलु उपाय | baccha kaise girate hai | Is abortion safeIs painful
Garbhpat ki dawa किसी भी कोने में कानून और धर्म ने गर्भपात को मान्यता नहीं दी। उनकी दृष्टि में गर्भपात जुर्म माना जाता है।इसलिए अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं को तरह-तरह की युक्तियं आजमानी पडीं जिन के परिणामस्वरूप अनेक महिलाओं को अपनी जानें जोखिम में ड़ाल लेती हे -
गर्भपात के मायने हैं गर्भाशय से भ्रूण को निष्कासित करना इससे पहले कि भ्रूण अपने दम पर जीना आरम्भ करे। कई लोग गर्भपात का विरोध करते हैं यह कहकर कि इस प्रक्रिया से आप स्वयं के बच्चे का क़त्ल कर रहे हैं। हालाँकि पश्चिमी देशों में गर्भपात को कानूनी मान्यता प्राप्त हो गई है, लेकिन कुछ देशों में गर्भपात करने या कराने के लिए अनेक नियमों और विनियमों का पालन करना ज़रूरी होता है
गर्भपात करने के अनेक कारण होते हैं। कई बार ऐसा होता है कि सम्भोग के समय प्रेमी प्रेमिका या पति पत्नी गर्भ निरोधक तरीकों का प्रयोग करना भूल जाते हैं और औरत में गर्भ ठहर जाता है। कई बार पति के चाहते हुए भी पत्नी बच्चा पैदा नहीं करना चाहती क्यूंकि वह अपने सुडौल शरीर को बेडौल नहीं बनाना चाहती, और अगर ऐसी औरत में गर्भ ठहर जाता है, तो वो उसे जल्द से जल्द गिराना चाहती है। और जब कोई कुंवारी लड़की गर्भवती हो जाती है तो उसे समाज का डर लगा रहता है और वो भी अपने गर्भ को जल्द से जल्द गिराने को आतुर रहती है।
धनी महिलाएं तो किसी महंगे गर्भपात केंद्र में जाकर आसानी से गर्भपात करवा सकती है, लेकिन जो बदनामी से डरती हैं, और गर्भपात केंद्र में नहीं जाना चाहतीं वे घर पर ही गर्भ गिरा सकती हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या घर पर गर्भपात करवाना सुरक्षित होता है?
जिन महिलाओं का गर्भ 9 हफ़्तों से कम होता है, ऐसी महिलाऐं अस्पताल से बाहर गर्भपात करवा सकती हैं।
गर्भपात करने के कुछ देसी तरीके (नुस्खे) इस प्रकार हैं:
यूँ तो घर पर गर्भपात करना सुरक्षित होता है जिसे गाँव वाले सदियों से बिना किसी समस्या के अपनाते आये हैं (जब गाँव की कोई कुँवारी लड़की गर्भवती हो जाया करती है तो बदनामी से बचने या बचाने के लिए उसका घरेलू तरीकों से आसानी से गर्भपात कर दिया जाता है), लेकिन कभी कभी घर पर गर्भपात करना जोखिम भरा काम हो सकता है
इसलिए बेहतर यही होगा गर्भपात का कोई भी तरीका अपनाने से पहले चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें जिन स्त्रियों को मासिक-धर्म अधिक आता हो उन्हें भी पपीता नहीं खाना चाहिए। प्रमेह, कोष्ठ व अर्श (बवासीर) के रोगियों के लिए कच्चा पपीता हानिकारक होता है। पपीता के बीजो का सेवन करने से गर्भपात हो सकता है।
- एर्बार्शन घर पर गर्भपात से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
- गर्भपात संबंधी जरूरी बातों की जानकारी होनी चाहिए।
- कच्चा पपीता खाने से गर्भ गिर जाता है।
- विटामिन सी के अत्यधिक सेवन से गर्भ गिर सकता है।

गर्भपात के मायने हैं गर्भाशय से भ्रूण को निष्कासित करना इससे पहले कि भ्रूण अपने दम पर जीना आरम्भ करे। कई लोग गर्भपात का विरोध करते हैं यह कहकर कि इस प्रक्रिया से आप स्वयं के बच्चे का क़त्ल कर रहे हैं। हालाँकि पश्चिमी देशों में गर्भपात को कानूनी मान्यता प्राप्त हो गई है, लेकिन कुछ देशों में गर्भपात करने या कराने के लिए अनेक नियमों और विनियमों का पालन करना ज़रूरी होता है
गर्भपात करने के अनेक कारण होते हैं। कई बार ऐसा होता है कि सम्भोग के समय प्रेमी प्रेमिका या पति पत्नी गर्भ निरोधक तरीकों का प्रयोग करना भूल जाते हैं और औरत में गर्भ ठहर जाता है। कई बार पति के चाहते हुए भी पत्नी बच्चा पैदा नहीं करना चाहती क्यूंकि वह अपने सुडौल शरीर को बेडौल नहीं बनाना चाहती, और अगर ऐसी औरत में गर्भ ठहर जाता है, तो वो उसे जल्द से जल्द गिराना चाहती है। और जब कोई कुंवारी लड़की गर्भवती हो जाती है तो उसे समाज का डर लगा रहता है और वो भी अपने गर्भ को जल्द से जल्द गिराने को आतुर रहती है।
धनी महिलाएं तो किसी महंगे गर्भपात केंद्र में जाकर आसानी से गर्भपात करवा सकती है, लेकिन जो बदनामी से डरती हैं, और गर्भपात केंद्र में नहीं जाना चाहतीं वे घर पर ही गर्भ गिरा सकती हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या घर पर गर्भपात करवाना सुरक्षित होता है?
जिन महिलाओं का गर्भ 9 हफ़्तों से कम होता है, ऐसी महिलाऐं अस्पताल से बाहर गर्भपात करवा सकती हैं।
गर्भपात करने के कुछ देसी तरीके (नुस्खे) इस प्रकार हैं:
- 2 ग्राम बबूल के नर्म पत्ते लें, और उन्हें 2 कप पानी में उबालें जब तक कि यह उबलकर एक कप नहीं हो जाता। नियमित रूप से इसका सेवन करें जब तक गर्भ गिर नहीं जाता।
- नमकीन विष का प्रयोग: इसका प्रयोग गर्भ के प्रथम तीन महीनों के भीतर किया जाता है। इस प्रक्रिया से गर्भपात करने वाला चिकित्सक नमक का एक एक ठोस घोल इंजेक्शन के ज़रिये गर्भ में उस तरल पदार्थ में डाल देता है जहाँ बच्चा स्तिथ होता है। बच्चा उस घोल को सांस के द्वारा अपने भीतर लेता है, और विष से भर जाता है। उसे ख़तम करने की इस प्रक्रिया में कम से कम एक घंटा लग जाता है।
- गर्भरोधक गोलियां: गर्भपात का एक और तरीका होता है गर्भरोधक गोलियों का सेवन करना। ये गोलियां किसी भी दवाई की दुकान में आसानी से उपलब्ध होती हैं।
- ऐसा माना जाता है कि लगातार कच्चा पपीता खाने से भी अपने आप गर्भपात हो जाता है।
- यूँ तो विटामिन सी किसी भी इंसान के लिए अत्यंत जरुरी है क्योंकि यह विटामिन आपके शरीर की रोग प्रतिक्षण प्रणाली को मजबूत करता है लकिन कई लोग प्राकृतिक रूप से गर्भपात करने के लिए बहुत ज्यादा विटामिन सी का सेवन करने की सलाह देते हैं। ऐसा माना जाता है कि बहुत ज्यादा मात्रा में विटामिन सी का सेवन करने से स्वतः गर्भपात हो जाता है। अगर आप आवंला का सेवन प्रचूर मात्रा में करती हैं तो गर्भपात होने की पूरी संभावना है।
यूँ तो घर पर गर्भपात करना सुरक्षित होता है जिसे गाँव वाले सदियों से बिना किसी समस्या के अपनाते आये हैं (जब गाँव की कोई कुँवारी लड़की गर्भवती हो जाया करती है तो बदनामी से बचने या बचाने के लिए उसका घरेलू तरीकों से आसानी से गर्भपात कर दिया जाता है), लेकिन कभी कभी घर पर गर्भपात करना जोखिम भरा काम हो सकता है
इसलिए बेहतर यही होगा गर्भपात का कोई भी तरीका अपनाने से पहले चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें जिन स्त्रियों को मासिक-धर्म अधिक आता हो उन्हें भी पपीता नहीं खाना चाहिए। प्रमेह, कोष्ठ व अर्श (बवासीर) के रोगियों के लिए कच्चा पपीता हानिकारक होता है। पपीता के बीजो का सेवन करने से गर्भपात हो सकता है।
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