बेसिक शिक्षा में तय होगा परिणाम से परिवर्तन का सफर, सीखने और सीखाने की गति को भी निखारेगी यह व्यवस्था। जानिए विस्तार से

देश का पहला निपुण भारत निगरानी केंद्र गोरखपुर में

बेसिक शिक्षा में तय होगा परिणाम से परिवर्तन का सफर, सीखने और सीखाने की गति को भी निखारेगी यह व्यवस्था। जानिए विस्तार से


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा मंत्रालय द्वारा 5 जुलाई को लागू निपुण भारत योजना (नेशनल इनीशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमेरेसी) समेत बेसिक शिक्षा विभाग की सभी कक्षाओं के अनुपालन एवं उसके लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विकास भवन में अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को देश के इस पहले अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का लोकार्पण करेंगे। इसकी कार्य प्रणाली को भी परखेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग में इसकी मदद से परिणाम से परिवर्तन का सफर तय करने में आसानी होगी। सीखने और सीखाने की गति को भी यह निगरानी व्यवस्था निखारेगी।

डीएम विजय किरण आनंद की नवाचार एवं आधुनिकीकरण की सोच की उपज यह कंट्रोल रूम तकरीबन 88 लाख रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित किया जा रहा है। यह कंट्रोल रूम देश के इस तरह का पहला प्रयोग है जिससे गोरखपुर मण्डल के सभी परिषदीय विद्यालयों एवं कस्तुरबा गांधी विद्यालयों की निगरानी एवं जरूरी सहयोग मिलेगा। ताकि उन विद्यालय के शिक्षक अपने छात्रों की शिक्षण संबंधी समस्याओं का समाधान कर सके। स्वयं भी समस्याओं का त्वरित निदान प्राप्त कर सके। इस मायने में यह कंट्रोल रूम अत्याधुनिक कॉल सेंटर के रूप में भी सेवाएं प्रदान करेगा।


भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा लागू  की गई निपुण (नेशनल इनोशिएटिव फार प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमेरसी) भारत योजना के तहत देश का पहला निपुण भारत निगरानी कर (मानीटरिंग सेंटर) गोरखपुर में स्थापित किया जा रहा है। विकास भवन में बनाए जा रहे इस केंद्र से बेसिक शिक्षा में बड़ा बदलाव आएग। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे की नियमित रूप से वास्तविक समय में निगरानी हो सकेगी। बच्चे ने कितना सोखा, उसके सीखने की प्रगति कैसी है रोज स्कूल आता है या नहीं, स्कूल में मध्याहन भोजन की स्थिति क्या है कितने बच्चे स्कूल छोड़ दे रहे। है आदि बिन्दुओं पर भी समय से छटा उपलब्ध हो सकेगा और उसके आधार पर सुधार किया जाएगा। लक्ष्य है कि 2026-27 तक हर बच्चा तीसरी कक्षा के अंत तक पढ़ने लिखने एवं अंकगणित सीखने की क्षमता विकसित सके। 88 लाख रुपये की लागत से स्थापित किए जा रहे इस केंद्र का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को करेंगे। मुख्यमंत्री यहाँ निगरानी केंद्र को कार्यप्रणाली पर केंद्रित चार मिनट का वीडियो भी देखेंगे।



जिलाधिकारी विजय किरन आनंद की पहल पर विकास भवन में इस अत्याधुनिक की स्थापना हो रहा है। मुख्य विकास अधिकारी  इंद्रजीत सिंह को इसके संचालन की जिम्मेदारी दे गई है। इस केंद्र में एक नियंत्रण कक्ष को भी स्थापना की गई। है। इसमें 16 एकेडमिक रिसोर्स पर्सन  (एआरपी) एवं शिक्षकों को नियुक्त किया जाएगा। केंद्र में 16 कंप्यूटर लगाए गए हैं। इसे काल सेंटर के रूप में भी विकसित किया गया है।


केंद्र में हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा होगी। यहां एक बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई है। नियंत्रण कक्ष सुबह नौ से शाम पांच बजे तक संचालित होगा जिले में 2493 परिषदीय विद्यालयों में 600 स्मार्ट क्लास हैं। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए जिलाधिकारी ने शुक्रवार की शाम केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी इंजीत सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र प्रताप सिंह, विजय जायसवाल आदि उपस्थित रहे।


निपुण भारत योजना के तहत विकास भवन में निपुण भारत निगरानी केंद्र स्थापित किया गया है। गोरखपुर पहला जिला है, जहां ऐसा केंद्र स्थापित किया गया है। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे कितना सीख पा रहे हैं, इसकी रियल टाइम निगरानी हो सकेगी। यह केंद्र बेसिक शिक्षा में बड़े बदलाव लेकर आएगा
विजय किरन आनंद जिलाधिकारी


● ऐसे होगी निगरानी

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट के शिक्षकों द्वारा हर महीने प्रश्न पत्र तैयार किए जाएंगे। इन्हें स्कूलों पर भेजा जाएगा। बच्चों को इसे हल करने को दिया जाएगा और उसके बाद स्कूल के शिक्षक ओएमआर शीट पर बच्चों द्वारा दिए गए उत्तर भरेंगे।
एक ओएमआर शीट पर आठ बच्चों के उत्तर भरे जा क्षमता को बढ़ाया जाएगा। सभी स्कूली की जियो सकते हैं।
सरल एप के जरिए ओएमआर शीट स्कैन किया जाएगा। 


स्कैन करने पर यह ओएमआर आनलाइन निगरानी केंद्र पर आ जाएंगे। यहां बच्चों के सीखने की प्रगति का अध्ययन किया जाएगा और जहां कमिया होगी वहा एआरपी को भेजकर बच्चों की सीखने की टैगिंग भी होगी, जिसके जरिए उनकी निगरानी हो सकेंगी।

इसके अलावा मिशन प्रेरणा, आपरेशन कायाकला, मध्याहन भोजन योजना, समावेशी शिक्षा समेत विद्यालय स्तर पर संचालित सभी योजनाओं की निगरानी भी हो सकेगी।

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