यूपी : पांचवें और छठे वेतनमान वाले कार्मिकों का भी महंगाई भत्ता बढ़ा, शासनादेश जारी

यूपी : पांचवें और छठे वेतनमान वाले कार्मिकों का भी महंगाई भत्ता बढ़ा, शासनादेश जारी

पांचवें और छठे वेतनमान वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा, न्‍यू ईयर में मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी

यूपी : छठे व पांचवें वेतन का लाभ लेने वालों कार्मिकों को भी बढ़ा डीए, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के लिए भी आदेश जारी


सातवें वेतनमान वाले राज्य कार्मिको को जुलाई 2021 से महंगाई भत्ते में हुई वृद्धि का लाभ दिए जाने के बाद राज्य सरकार ने पांचवें और छठवें वेतनमान वाले कार्मिकों को भी एक जुलाई से बढ़े दर से मंहगाई भत्ता दिए जाने का आदेश जारी कर दिया है। संशोधित दर से महंगाई भत्ते का नकद भुगतान एक दिसंबर 2021 यानी जनवरी में मिलने वाले वेतन से होगा। एक जुलाई से 30 नवंबर तक का एरियर भविष्य निधि, एनएससी और टियर-एक पेंशन खाते में की जाएगी।

अपर मुख्य सचिव एस. राधा चौहान ने इस आशय का शासनादेश जारी किया है। इस वृद्धि का लाभ राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, यूजीसी तथा कार्य प्रभारित उन कर्मचारियों को मिलेगा जो अभी तक पांचवें और छठवें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा संस्तुत राज्य सरकार की वेतन संरचना में कार्यरत हैं।

पांचवें वेतनमान में अब 368 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता
पांचवें वेतन आयोग की संस्तुतियों वाले कर्मचारियों को अब वेतन तथा महंगाई भत्ते के योग का 368 फीसदी की मासिक दर से महंगाई भत्ता मिलेगा। इस वेतनमान में वह कर्मचारी हैं जिन्हें एक जनवरी 2006 से पुनरीक्षित वेतन संरचना में चयन नहीं किया गया था।

प्रशासनिक सेवा के अफसरों को भी लाभ
राज्य में तैनात भारतीय सेवा के अधिकारियों को वित्त मंत्रालय द्वारा पूर्व में जारी शासनादेशों के मुताबिक एक जुलाई 2021 से महंगाई भत्ते में वृद्धि का लाभ दिए जाने का आदेश जारी किया है। सातवें वेतनमान वालों को अब 31 फीसदी की दर से तथा छठवें वेतनमान के अधिकारियों को 196 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा। पांचवें वेतन आयोग वालों को 368 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा। अभी तक सातवें वेतनमान के अधिकारियों को 28 फीसदी तथा छठवें वेतनमान के अधिकारियों को 189 फीसदी तथा पांचवें वेतनमान वालों को 356 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा था।

छठवें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा संस्तुत तथा राज्य सरकार द्वारा लागू की गई वेतन संरचना में कार्यरत कर्मचारियों को अब मूल वेतन का 196 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। ये वह कर्मचारी हैं जिनका चयन एक जनवरी 2016 से पुनरीक्षित वेतन संरचना में नहीं किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक पांचवें और छठें वेतनमान में अधिकतम एक लाख कार्मिक ही होंगे।


प्रदेश के जो कार्मिक पांचवें व छठे केंद्रीय वेतन आयोग की संस्तुति पर राज्य सरकार की ओर से लागू किए गए वेतन ढांचे में कार्यरत हैं, उनको भी  महंगाई भत्ता (डीए) दिया जाएगा। इसके अलावा अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी भी इसका लाभ पाएंगे।

प्रदेश के जो कार्मिक पांचवें व छठे केंद्रीय वेतन आयोग की संस्तुति पर राज्य सरकार की ओर से लागू किए गए वेतन ढांचे में कार्यरत हैं, उनको भी  महंगाई भत्ता (डीए) दिया जाएगा। इसके अलावा अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी भी इसका लाभ पाएंगे। अपर मुख्य सचिव वित्त एस. राधा चौहान ने इनसे संबंधित अलग-अलग शासनादेश सोमवार को जारी कर दिए। 

प्रदेश में काफी कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों का लाभ नहीं ले रहे हैं। वे छठे वेतन आयोग द्वारा संस्तुत व राज्य सरकार द्वारा लागू वेतन संरचना में कार्यरत हैं। इन्हें वर्तमान में मूल वेतन का 189 प्रतिशत डीए मिल रहा है। शासन ने एक जुलाई, 2021 से इन्हें 196 प्रतिशत की दर से भुगतान का फैसला किया है। वहीं जो कर्मचारी पांचवें वेतन आयोग द्वारा संस्तुत व राज्य सरकार द्वारा लागू वेतन संरचना में कार्यरत हैं, उन्हें 368 प्रतिशत डीए देने का फैसला किया है। इन्हें वर्तमान में 356 प्रतिशत डीए मिल रहा है। डीए का नकद भुगतान दिसंबर के वेतन के साथ एक जनवरी को होगा। जुलाई से नवंबर तक  का जीपीएफ में जाएगा। अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों (आईएएस, आईपीएस व आईएफएस) को भी एक जुलाई से 28 की जगह 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा।  


सातवें वेतनमान वाले राज्य कार्मिको को जुलाई 2021 से महंगाई भत्ते में हुई वृद्धि का लाभ दिए जाने के बाद राज्य सरकार ने पांचवें और छठवें वेतनमान वाले कार्मिकों को भी एक जुलाई से बढ़े दर से मंहगाई भत्ता दिए जाने का आदेश जारी कर दिया है। संशोधित दर से महंगाई भत्ते का नकद भुगतान एक दिसंबर 2021 यानी जनवरी में मिलने वाले वेतन से होगा। एक जुलाई से 30 नवंबर तक का एरियर भविष्य निधि, एनएससी और टियर-एक पेंशन खाते में की जाएगी।


अपर मुख्य सचिव एस. राधा चौहान ने इस आशय का शासनादेश जारी किया है। इस वृद्धि का लाभ राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, यूजीसी तथा कार्य प्रभारित उन कर्मचारियों को मिलेगा जो अभी तक पांचवें और छठवें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा संस्तुत राज्य सरकार की वेतन संरचना में कार्यरत हैं।

पांचवें वेतनमान में अब 368 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता: पांचवें वेतन आयोग की संस्तुतियों वाले कर्मचारियों को अब वेतन तथा महंगाई भत्ते के योग का 368 फीसदी की मासिक दर से महंगाई भत्ता मिलेगा। इस वेतनमान में वह कर्मचारी हैं जिन्हें एक जनवरी 2006 से पुनरीक्षित वेतन संरचना में चयन नहीं किया गया था।


प्रशासनिक सेवा के अफसरों को भी लाभ

राज्य में तैनात भारतीय सेवा के अधिकारियों को वित्त मंत्रालय द्वारा पूर्व में जारी शासनादेशों के मुताबिक एक जुलाई 2021 से महंगाई भत्ते में वृद्धि का लाभ दिए जाने का आदेश जारी किया है। सातवें वेतनमान वालों को अब 31 फीसदी की दर से तथा छठवें वेतनमान के अधिकारियों को 196 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा। पांचवें वेतन आयोग वालों को 368 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा। अभी तक सातवें वेतनमान के अधिकारियों को 28 फीसदी तथा छठवें वेतनमान के अधिकारियों को 189 फीसदी तथा पांचवें वेतनमान वालों को 356 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा था।


छठवें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा संस्तुत तथा राज्य सरकार द्वारा लागू की गई वेतन संरचना में कार्यरत कर्मचारियों को अब मूल वेतन का 196 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। ये वह कर्मचारी हैं जिनका चयन एक जनवरी 2016 से पुनरीक्षित वेतन संरचना में नहीं किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक पांचवें और छठें वेतनमान में अधिकतम एक लाख कार्मिक ही होंगे।


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