Reluctance Motor in hindi : परिभाषा ,कार्य सिद्धांत ,कंस्ट्रक्शन तथा उपयोग - हिंदी इलेक्ट्रिकल डायरी

 Reluctance Motor क्या होता है?

यह एक सिंगल फेज सिंक्रोनस मोटर होता है जो सिंक्रोनस स्पीड पर चलता है। यह बिलकुल सिंगल फेज केज टाइप इंडक्शन मोटर के जैसा ही होता है। इसके स्टेटर में Main तथा स्टार्टिंग वाइंडिंग लगी हुई होती है। सिंगल फेज Reluctance motor तथा इंडक्शन मोटर दोनों का स्टेटर एक जैसा  ही होता है अर्थात दोनों में फील्ड वाइंडिंग स्टेटर  में ही की जाती है। इसका रोटर Squirrel Cage होता है जिसके सतह पर कुछ टीथ को हटा दिया जाता है जिससे की निश्चित एक संख्या का चुंबकीय ध्रुव बन सके। जैसे की निचे के चित्र  दिखाया गया है। 
Reluctance motor in hindi

 Reluctance Motor का कंस्ट्रक्शन कैसा होता है?

जैसे की ऊपर के चित्र में  चार चुंबकीय ध्रुव (Salient Pole) बनाने के लिए टीथ को चार  जगह से काटकर निकला गया है। रोटर के सतह पर खाँचो  में डाले गए धातु छड़ के अंतिम सिरों  को आपस में जोड़ दिया जाता है। चुंबकीय फ्लक्स उत्पन्न करने के लिए इसके स्टेटर में दो प्रकार की वाइंडिंग किया जाता है जिसमे एक Main Winding तथा दुसरे को स्टार्टिंग वाइंडिंग कहा जाता है। यह बनावट की दृष्टी से बिल्कुल सिंगल फेज इंडक्शन मोटर के जैसा ही होता है लेकिन दोनों में अंतर सिर्फ रोटर के बनावट में होता है। चूँकि  Reluctance मोटर सिंक्रोनस गति से घूमता है इसलिए यह जरुरी हो जाता है की सिंक्रोनाइजेशन के लिए  इसके रोटर पर चुंबकीय ध्रुव उपस्थित रहे।   

 Reluctance Motor का कार्य सिद्धांत क्या है?

जब Reluctance Motor को सिंगल फेज सप्लाई से जोड़ा जाता है तब स्टेटर में विधुत धारा का प्रवाह होने लगता है इस विधुत धारा की वजह से स्एटेटर में एक चुंबकीय फ्लक्स उत्पन्न हो जाता है जब यह चुंबकीय फ्लक्स रोटर से लिंक होता है तब रोटर में लगे हुए धातु के छड में इंडक्शन की वजह से विधुत धारा उत्पन्न हो जाता है और इस विधुत धारा की वजह से रोटर पर एक बलाघूर्ण उत्पन्न होता है जिसे इंडक्शन टार्क कहा जाता है जिससे रोटर घुमने लगता है। अर्थात यह एक इंडक्शन मोटर की तरह चलना प्रारंभ करता है। जब मोटर कुल सिंक्रोनस स्पीड के 75 प्रतिशत गति को प्राप्त करता है तब इसके स्टार्टिंग वाइंडिंग को एक स्विच के मदद से मुख्य सप्लाई से डिसकनेक्ट कर दिया जाता है और मोटर Main Winidng के कारण उत्पन्न  चुंबकीय फ्लक्स के साथ गति करने लगता है। इस प्रकार से गति करते हुए जब मोटर की गति  सिंक्रोनस स्पीड के करीब पहुचता है तब रोटर तथा स्टेटर के बीच मौजूद Reluctance को कम रखने के लिए ,रोटर अपने आप को स्टेटर के साथ Aline करने की कोशिश करने लगता है जिससे रोटर पर एक आभासी बलाघूर्ण कार्य करने लगता है जिसे Reluctance Torque कहा जाता है। जब मोटर Reluctance Torque की वजह से गति करने लगता है तब इंडक्शन टार्क समाप्त हो जाता है।  Reluctance Torque की वजह से ही इस मोटर को  Reluctance मोटर कहा जाता है। 

Reluctance Motor का उपयोग कहा किया जाता है?

इस मोटर का उपयोग निम्न जगह पर किया जाता है :-
  • आटोमेटिक रेगुलेटर में 
  • रिकॉर्डिंग डिवाइस में 
  • घडी में 
  • एनालॉग मीटर में 
  • इलेक्ट्रिक गाडी में 
  • ड्रिल तथा लेथ मशीन में 

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