ठंड का सीजन धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ चुका है, लेकिन प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले 20 हजार बच्चों को अब भी डीबीटी का इंतजार
ठंड का सीजन धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ चुका है, लेकिन प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले 20 हजार बच्चों को अब भी डीबीटी का इंतजार
ज्ञानपुर ठंड का सीजन धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ चुका है, लेकिन प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले 20 हजार बच्चों को स्वेटर, यूनिफार्म का पैसा नहीं मिल सका। पांच हजार खातों में तकनीकी खामी के कारण रकम नहीं पहुंच सकी। इसको लेकर अभिभावक काफी चिंतित हैं।
जिले के 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय में एक लाख 83 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। जहां कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को सरकार दो जोड़ी ड्रेस, एक स्वेटर, एक जूता, दो जोड़ी मोजे और एक बैग प्रदान करती है। अब तक यह राशि विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में
भेजी जाती थी, जिससे वह संस्थाओं के माध्यम से वितरण कराती दो साल से कोरोना संक्रमण के कारण सरकार ने सीधे अभिभावकों के बैंक खाते में यह राशि भेजने की व्यवस्था की है। नवंबर से शुरू हुए अभियान को करीब तीन महीने गुजर गए।
विभाग का दावा है कि चार चरणों में एक लाख 60 हजार से अधिक बच्चों और उनके अभिभावक के खाते में रकम डीबीटी कर दी गई, हालांकि हकीकत ऐसा नहीं है। सरकारी आंकड़े में 15 हजार के खाते में अभी रकम नहीं गई जबकि पांच से सात हजार के खाते में खामी होने से पैसा वापस हो गया। ऐसे में अभिभावक ब्लॉक संसाधन केंद्र से लेकर बैंक का चक्कर लगा रहे हैं।
डीबीटी को लेकर 50 से अधिक आईजीआरएस
ज्ञानपुर बेसिक शिक्षा विभाग में तीन महीने में 50 से अधिक आईजीआरएस डीबीटी से जुड़े आए हैं। डीसी कल्पनाथ मिश्र ने बताया कि 10 शिकायतें ऐसी आई हैं, जिसमें अभिभावक के खाते में पैसा भेजा दिखाया गया, लेकिन उनका कहना है कि अभी पैसा आया ही नहीं। बैंक के माध्यम से सत्यापन कराया जा रहा है।
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