बेसिक शिक्षा विभाग ने मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला-6 शुरू कर दी, गुरु जी अब तक स्कूल के बजाए मोहल्लों में जाकर कोविड प्रोटोकॉल के बीच विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे

बेसिक शिक्षा विभाग ने मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला-6 शुरू कर दी, गुरु जी अब तक स्कूल के बजाए मोहल्लों में जाकर कोविड प्रोटोकॉल के बीच विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे

गौरीगंज (अमेठी)। कोविड संक्रमण के बीच शिक्षण व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला-6 शुरू कर दी गई है। योजना के तहत परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत विद्यार्थियों को मोहल्ला पाठशाला के साथ ऑनलाइन विधि से शिक्षित किया जाएगा। 100 दिन के रीडिंग कैंपेन के साथ शैक्षणिक सामग्री साझा करते हुए सपोर्टिव सुपरविजन की जिम्मेदारी एआरपी को दी गई है।

 


बेसिक शिक्षा विभाग के 1139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक व 197 कंपोजिट परिषदीय स्कूल के अलावा 33 सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल व 35 राजकीय स्कूल में शैक्षिक सत्र 2021-22 में 1.98 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। शीतकालीन अवकाश के बाद कोविड संक्रमण के कारण स्कूलों में लगातार अवकाश चल रहा है। ऐसे में बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।

बच्चों की शैक्षिक गतिविधि को प्रभावित होता देख बेसिक शिक्षा विभाग ने मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला-6 शुरू कर दी है। योजना के तहत गुरु जी अब तक स्कूल के बजाए मोहल्लों में जाकर कोविड प्रोटोकॉल के बीच विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। 100 दिन का रीडिंग कैंपेन शुरू करते हुए अभिभावकों के व्हाट्स एप पर पाठ्य सामग्री प्रेषित करते हुए ऑनलाइन शिक्षित किया जाएगा।मोहल्ला पाठशाला के साथ ऑनलाइन शिक्षण विधि को प्रभावी बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रभावी रणनीति भी तैयार की है। शिक्षा की निगरानी रिसोर्स ग्रुप, अकादमिक रिसोर्स पर्सन के साथ बीईओ को साैंपी गई है। सभी शिक्षकों को स्कूल में मौजूद रहने के साथ मोहल्ला पाठशाला व ऑनलाइन विधि से शिक्षण कार्य का निर्देश देते हुए शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।संचालित होंगी यह गतिविधियांमिशन प्रेरणा मोहल्ला पाठशाला फेज छह में शिक्षक मोहल्ला क्लास संचालित करेंगे तो 100 दिन का रीडिंग कैंपेन का संचालन करते हुए प्रत्येक शनिवार को क्विज प्रतियोगिता बच्चों के बीच आयोजित की जाएगी। प्रत्येक कक्षा के लिए प्रतिदिन प्रत्येक विषय की शैक्षणिक सामग्री के साथ रोचक कहानी प्रेषित की जाएगी। एसआरजी व एआरपी ऑनलाइन बैठक कर शिक्षण कार्य का सुपरविजन करते हुए बेहतर बनाने का काम करेंगे।

बच्चें पढ़ेंगे, बुजुर्ग सुनेंगे कहानीजिला समन्वयक प्रशिक्षण अभिनव पांडेय ने बताया कि पढ़ना-सीखना शिक्षा का मुख्य आधार है। यह अभियान बच्चों को स्वतंत्र रूप से पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। इससे उनमें रचनात्मक व आलोचनात्मक चिंतन विकसित होगा। योजना के तहत बच्चों को पाठ्य सामग्री के साथ रोचक लेख व कहानी तथा कविता ऑनलाइन भेजी जाएगी। बच्चे कहानी व कविता पढ़ेंगे तो घर में मौजूद बुजुर्गों को बच्चों से पाठन सामग्री के साथ कहानी व कविता सुनते के प्रति प्रेरित किया जाएगा।लापरवाही पर होगी कार्रवाईबीएसए डॉ. अरिवंद कुमार पाठक ने बताया कि सभी बीईओ व प्रधानाध्यापक को मिशन प्रेरणा मोहल्ला पाठशाला के तहत बच्चों को शिक्षित करने का निर्देश दिया गया है। प्रतिदिन आयोजित शिक्षण कार्य को दीक्षा पोर्टल के साथ प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड करते हुए एससीईआरटी की वेबसाइट से पाठ्य सामग्री के अनुसार बच्चों को बेहतर शिक्षा देने को कहा गया है। पूरे कार्यक्रम की प्रतिदिन निगरानी की व्यवस्था बनायी गई है। शिक्षण कार्य में रुचि नहीं लेने तथा लापरवाही बरतने की दशा में विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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