माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल लिट्रेसी तैयार की जाएगी

माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल लिट्रेसी तैयार की जाएगी

 गौरीगंज (अमेठी)। माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल लिट्रेसी तैयार की जाएगी। कवायद सफल हो इसके लिए सभी इंटर कॉलेज को अपनी वेबसाइट तैयार पर पाठ्य सामग्री के साथ सहग्रामी गतिविधि अपलोड करनी होगी। इस वेबसाइट पर एकेडमी कैलेंडर भी तैयार करना होगा। ऑनलाइन शैक्षिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए डीआईओएस ने प्रधानाचार्यों को स्कूल की वेबसाइट तैयार कर शत-प्रतिशत बच्चों को ई-मेल आईडी बनाकर रिपोर्ट देने को कहा गया है। कीविड संक्रमण के बीच प्रभावित हो रही शैक्षिक गतिविधि को बेहतर बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग खुद को हाईटेक बनाने जा रहा है। बोर्ड के शताब्दी वर्ष पूरा होने के बाद सचिव ने शैक्षिक पाठ्यक्रम की डिजिटल लिट्रेसी तैयार करने की योजना बनाई है। 

 


माध्यमिक शिक्षा को हाईटेक करने के लिए पहले चरण में जिले में संचालित 35 राजकीय 25 महायता प्राप्त इंटर कॉलेज तथा 199 वित्त विहीन स्कूलों की वेबसाइट तैयार होगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों के प्रधानाचायों को पत्र जारी कर स्कूल की वेबसाइट तैयार कर शैक्षणिक एवं पाठ्य सहगामी गतिविधियों का सम्पर्क संचालन करते हुए डिजिटल लिट्रेसी तैयार कर बेबसाइट पर अपलोड करने को कहा है।

इतना ही नहीं स्कूल में पंजीकृत शत में प्रतिशत बच्चों की ई-मेल आईडी तैयार करने को भी कहा गया है। इंटर कॉलेज की वेबसाइट तैयार होने के बाद सभी विषयों को डिजिटल लिट्रेसी तैयार कर अपलोड करते हुए एकेडमिक कैलेंडर को वेबसाइट पर प्रदर्शित करना होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रधानाचार्यों को सात दिन में वेबसाइट तैयार करने के साथ ही बच्चों की ई-मेल आईडी तैयार कर रिपोर्ट देने को कहा है।

शिक्षण कार्य में होगी सहूलियत
स्कूल की वेबसाइट तैयार होने के बाद किसी भी कारण से स्कूल नहीं आ पाने तथा कोविड संक्रमण या स्कूल के अधिग्रहण होने की दशा में शैक्षिक कार्य प्रभावित नहीं होगा बसइट पर डिजिटल लिट्रेसी के माध्यम से बच्चों को शिक्षण कार्य में सहूलियत होगी तो एकेडमिक कैलेंडर अपलोड होने से विभाग के साथ अभिभावकों को बच्चों का कोर्स पूरा होने समेत स्कूल से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

वेबसाइट न बनाने पर होगी कार्रवाई
डीआईओएस उदय प्रकाश मिश्र ने बताया कि सचिव के निर्देश पर सभी प्रधानाचार्यों को स्कूल की वेबसाइट तैयार करने के साथ बच्चों को ई-मेल आईडी बनवाने का निर्देश दिया गया है। वेबसाइट बनने के बाद शैक्षणिक सत्र का एकेडमिक कैलेंडर के साथ विषयवार शैक्षणिक एवं सहस्रमी गतिविधि स्कूल से जुड़ी प्रत्येक सूचना अपलोड कराई जाएगी। वेबसइट नहीं बनाने तथा निर्देशों की अवहेलना करने की दशा में प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी

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