बढ़ती आधुनिकता के बीच छोटी उम्र के बच्चों में पढ़ाई के प्रति कम होते रुझान और अन्‍य चीजों के प्रति बढ़ती रुचि को देखते हुए सरकार बेहद चिंतित, अब तीन साल तक के बच्चों का होगा स्कूलों में प्रवेश

बढ़ती आधुनिकता के बीच छोटी उम्र के बच्चों में पढ़ाई के प्रति कम होते रुझान और अन्‍य चीजों के प्रति बढ़ती रुचि को देखते हुए सरकार बेहद चिंतित, अब तीन साल तक के बच्चों का होगा स्कूलों में प्रवेश

बरेली, । बढ़ती आधुनिकता के बीच छोटी उम्र के बच्चों में पढ़ाई के प्रति कम होते रुझान और अन्‍य चीजों के प्रति बढ़ती रुचि को देखते हुए सरकार बेहद चिंतित है। इस तरह के बढ़ते मामलों को देखते हुए शासन की ओर से शुरू किए गए निपुण भारत अभियान के जरिए अब तीन साल की उम्र से ही बच्चों में शिक्षा के प्रति उनका रुझान बढ़ाया जाएगा।इसमें उन्हें स्कूल में बुलाकर खेल-खेल में खिलौने आदि के साथ रोचकता के साथ पढ़ाया जायेगा।

 


भले ही पूर्ण रूप से इस उम्र के बच्चों का प्रवेश परिषदीय स्कूलों में नए सत्र से शुरू होगा लेकिन, क्यारा ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय लखौरा, प्राथमिक विद्यालय गंगापुर समेत कुछ स्कूलों में अभी से शिक्षकों ने स्कूल के आस-पास रहने वाले बच्चों कुछ देर के लिए विद्यालय में बुलाना शुरू कर दिया है। स्कूल बंद होने की वजह से शिक्षक बच्चों को वाट्सऐप आदि के जरिए उनकी शिक्षा की जारी रखे हुए हैं। इसी के साथ स्कूल खुलने के समय पर जो नौनिहाल आ रहे थे, उनके लिए भी अब शिक्षक अपने स्तर पर पाठ्यक्रम तैयार करने में जुट गए हैं। बीएसए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि निजी स्कूल की तर्ज पर शासन ने अब निपुण भारत योजना के तहत तीन साल की उम्र के बच्चों का प्रवेश परिषदीय विद्यालयों में करने का निर्णय लिया है। इस कड़ी में तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। इसके लिए बाकायदा पहले चरण में प्राथमिक विद्यालय लखौरा में बाल विकास वाटिका भी तैयार की जा रही हैं।

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