कर्मचारियों में भ्रम फैलाने का आरोप, शिक्षक-कर्मचारियों को भ्रमित करने के मकसद से एनपीएस को बेहतर बताया जा रहा
कर्मचारियों में भ्रम फैलाने का आरोप, शिक्षक-कर्मचारियों को भ्रमित करने के मकसद से एनपीएस को बेहतर बताया जा रहा
शिक्षक-कर्मचारियों को भ्रमित करने के मकसद से एनपीएस को बेहतर बताया जा रहा है। पर एनपीएस के दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। ऐसे में पुरानी पेंशन बचाओ मंच अटेवा ने शिक्षकों व कर्मचारियों को सिर्फ और सिर्फ पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग है। एनएमओपीएस राष्ट्रीय अध्यक्ष, अटेवा अध्यक्ष विजय बन्धु ने कहा कि मुख्य सचिव ने जो बैठक करके नयी पेंशन व्यवस्था बेहतर बताने का काम कर रहे हैं, उससे वह भ्रमित कर रहे हैं। अटेवा के प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने कहा तर्क हीन तथ्यों के साथ एनपीएस खूबियां बता रहे हैं। डॉ. राजेश ने बताया कि निष्पक्ष आंकलन की जरूरत है।
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली यानी एनपीएस के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना बेहतर है। सरकार को इस पर पुनर्विचार करना होगा। उक्त बातें सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरनाथ यादव ने कहीं। उन्होंने शनिवार को इस संबंध में एक पत्र सीएम को भेजा। जिसमें एक दिन पहले मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विभिन्न संगठनों की पेंशन बहाली संबंधी शिकायतों पर वित्त विभाग के अधिकारियों की साथ समीक्षा की थी। जिसमें समूह ग और घ के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली को राज्य कर्मचारियों के हित में ज्यादा लाभकारी बताया गया। इस बात को संज्ञान में लेते हुए एसोसिएशन ने कहा है कि पेंशन बहाली योजना का तुलनात्मक अध्ययन में यह सामने आया कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के जरिए जो लाभ कर्मियों को मिलने की बात कहीं जा रही है वह वास्तविकता से दूर है।
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