Mahakaleshwar mandir नए रूप में 800 करोड़ रुपए से ujjain महाकाल कॉरिडोर

महाकाल मंदिर नया स्वरूप  600 कारीगर तैयार कर रहे शिव गाथा, मूर्तियां लगने लगी हैं कॉरिडोर पर
रुद्रसागर के पास चल रहे कार्यों में अब गति दिखने लगी है जिसमे कई बड़ी मूर्तियों का निर्माण पूरा हो चुका है। 

इनमें से कई मूर्तियों को महाकाल कॉरिडोर व अन्य जगहों पर लगाया जा चुका है। विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में बीते दो वर्ष से लगातार चल रहे 800 करोड़ रुपए से अधिक के कार्य अब धीरे-धीरे धरातल पर दिखने लगे हैं।




भगवान गणेश की नृत्य करती प्रतिमा।

महाकालेश्वर मंदिर में स्मार्टसिटी योजना के तहत बनने वाले महाकाल कॉरिडोर में भगवान शिव से जुड़ी अलग-अलग कहानी मूर्ति रूप में तैयार की जा रही है। उनके नंदीगण, भैरव, गणेश भगवान, पार्वती माता सहित अन्य भगवानों की 200 मूर्तियां और 108 पिलर खड़े किये जा चुके हैं। भगवान शिव से जुड़ी कहानियों को दर्शाने के लिए कलाकार महाकाल मंदिर के पीछे इस काम को मूर्त रूप दे दिया गया है।

उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि महाकाल मंदिर में 800 करोड़ रुपए के विस्तारीकरण के कार्य चल रहे हैं। आने वाले समय में श्रद्धालु महाकाल कॉरिडोर से होते हुए मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचेंगे। श्रद्धालु जहां से प्रवेश करेंगे वहीं से भगवान शिव की महिमा का गुणगान और भगवान शिव से जुड़ी कहानियां देखने को मिल सकेगी। पूरा प्रोजेक्ट आकार लेने के बाद भारत के कई बड़े मंदिरो के परिसर से भी महाकाल मंदिर का परिसर बड़ा हो जाएगा।
खंभों पर अलग-अलग देवताओं और नृत्य व संगीत कलाओं को उकेरा जा रहा है।

मंदिर के अलावा कॉरिडोर भी निहार सकेंगे श्रद्धालु -
राजस्थान से आये कलाकार अमिताभ और उनके 80 साथी कॉरिडोर और नक्षत्र वाटिका को अध्यात्म रूप दे रहे हैं। एक अन्य कलाकार रेक सिंह ने बताया कि हमने अमृतसर के गोल्डन टेम्पल और राजस्थान सहित कई बड़े शहरों में कार्य किया है। अब महाकाल मंदिर में कॉरिडोर को इस तरह बनाया जा रहा है कि आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा का गुणगान देखने को मिलेगा। बाहर से आने वाले श्रद्धालु मंदिर के आसपास की सुन्दरता को भी निहार सकेंगे।

हिंदू धर्म के सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी लगाई जा रही है।
हिंदू धर्म के सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी लगाई जा रही है।
कॉरिडोर से मंदिर पहुंचने का सबसे आकर्षक पैदल व ई-रिक्शा मार्ग -
कॉरिडोर से मंदिर पहुचने का सबसे आकर्षक पैदल व ई-रिक्शा मार्ग को म्यूरल वॉल, छाया दार वृक्ष व शिव स्तम्भों के साथ बनाया जा रहा है। जहां 3-3 मीटर पैदल व 6 मीटर चौड़ा ई-रिक्शा लेन होगा। 

यहीं से श्रद्धालु विजिटर फैसिलिटी सेंटर से होते हुए नंदी हॉल में पहुचंगे।

स्मार्ट प्रोजेक्ट में छायादार वृक्षों और ई-रिक्शा की सुविधा -
महाकाल मंदिर के पीछे स्मार्ट सिटी के तहत बन रहे शिव थीम पर आधारित लोटस स्पॉट, सप्त ऋषि प्लाजा, शिव स्तम्भ, ओपन एरिया थेटर, ग्रीन स्पेस एरिया सहित प्लाजा में स्मार्ट टिकट कियोस्क, टॉयलेट, बैठने योग्य छायादार स्थान की सुविधा विकसित होगी। इसके साथ-साथ पब्लिक प्लाजा में पाथ वे के माध्यम से महाकाल कॉरिडोर से श्रद्धालु जुड़ेंगे। 

रुद्र सागर पर ब्रिज, सर्वसुविधा युक्त विजिटर फेसिलिटी, टॉयलेट, मोबाइल लॉकर, क्लॉक रूम, स्मार्ट पार्किंग, टूरिस्ट इनफार्मेशन सेंटर, सनातन हिन्दू धर्म व वैदिक थीम पर पब्लिक प्लाजा तैयार की जा रही है। कारीगरों के द्वारा शिवतांडव, सप्तऋषि सहित अनेक प्रकार की प्रतिमा बनाई जा रही है। करीब 5 से 10 फीट की प्रतिमा संत ऋषि मुनि की भी शामिल है। वास्तुकलात्मक तत्वों के प्रयोग द्वारा गलियों का सौन्दर्यीकरण तथा रामघाट पर सिंहस्थ थीम आधारित डायनेमिक लाईट शो किया जायेगा।


महाकाल कॉरिडोर पर मिडवे जोन का विकास किया जाना है। जिसमें, क्राफ्ट बाजार, कमांड कंट्रोल सेंटर का विकास किया जाएगा। इन कॉरीडोर से श्रद्धालु बिना किसी व्यवधान के विजिटर फैसिलिटी 2 तक आएंगे और सीधा गर्भ गृह, नंदी गृह या गणेश मंडपम में प्रवेश कर सकेंगे

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