2022 में क्रिप्टो करेंसी को लेकर आरबीआई गवर्नर ने क्या कहा आओ जाने:
RBI CURRENCY 2022
क्रिप्टो करेंसी को लेकर आरबीआई गवर्नर ने क्या कहा आओ जाने:
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को फिर से यह साफ कह दिया की निजी क्रिप्टोकरंसी बृहद और आर्थिक वित्तीय स्थिरता के लिए खतरा है और इस मोर्चा पर हम चुनौतियों से निपटने की उसकी क्षमता को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने निवेशकों को स्पष्ट शब्दों में समझाते हुए कहा कि ऐसे Asset मैं सच में कोई अंतर्निहित मूल्य नहीं है उन्होंने यहां तक कह दिया कि इसका जो कीमत है वह एक ट्यूलिप के बराबर भी नहीं है। इससे पहले भी आरबीआई ने क्रिप्टो करेंसी पर अपनी चिंता जता चुका है। शक्तिकांत दास की तरफ से यह सूचना ऐसे समय में आई है जब हाल ही में सरकार द्वारा क्रिप्टोकरंसी पर 30 परसेंट का टैक्स लगाने की बात कही गई है। क्रिप्टो के ग्राहकों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया था क्योंकि उनका मानना था कि इससे उनके व्यापार को वैधता मिलेगी और वह क्रिप्टो में निवेश कर अच्छा खासा रिटर्न फायदा ले सकते हैं।
शक्तिकांत दास ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि निजी क्रिप्टोकरंसी निवेशकों के लिए एक जोखिम भरा रास्ता है जिस पर चलकर निवेशकों को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। यह वित्तीय स्थिरता और व्यापक आर्थिक स्थिरता से जुड़े मुद्दों से निपटने की आरबीआई की क्षमता को कमजोर करेगा। शक्तिकांत दास जी ने क्रिप्टो निवेशकों को इसके अंतर्निहित मूल्य ना बराबर होने की बात फिर से दोहराते हुए इसकी तुलना ट्यूलिप फूल के बराबर भी नहीं बताई जैसा की 17वीं शताब्दी के ट्यूलिप उन्माद को अक्सर सा असामान्य रूप से वित्तीय तेजी के उदाहरण के रूप में माना जाता है जहां किसी चीज की कीमत सट्टेबाजी के कारण बहुत बढ़ जाती है ना की अंतर्निहित मूल्य के कारण इसने लोगों को क्रिप्टो में निवेश करके कोई बड़ी आर्थिक वृद्धि ना होने के चांसेस ज्यादा होंगे और मुनाफा भी कम होगा इसलिए निवेशक चाहे तो क्रिप्टो में निवेश ना करके अपने धन को सुरक्षित रख सकते हैं। और आने वाले समय में भारतीय डिजिटल करेंसी में निवेश करके वह अपनी मेहनत की कमाई को अपने देश के आर्थिक योगदान मैं अपना महत्वपूर्ण साथ दे सकते हैं।
Comments
Post a Comment
Ask me anything here...