2022 क्या भारत में क्रिप्टो करेंसी अब कानूनी तौर पर मान्य हो गया है ? आओ जाने..

 

    2022 क्या भारत में क्रिप्टो करेंसी अब कानूनी तौर पर मान्य हो गया है ? आओ जाने.. 

     

    1 फरवरी 2022 दिन मंगलवार को क्रिप्टो करेंसी को लेकर अपने बजट में वित्त मंत्री  श्रीमती निर्मला सीतारमण जी ने साफ कर दिया कि भारत में अब वर्चुअल एसेट(Virtual Asset) से होने वाली कमाई पर 30 % टैक्स  सरकार को देना होगा। इसको हम इस तरह से भी समझ सकते हैं कि यदि कोई व्यक्ति क्रिप्टो करेंसी में ₹100 से इन्वेस्ट करता है  और इस इन्वेस्ट पर उसको ₹10का लाभ होता है तो उस ₹10 में से ₹3 टैक्स के रूप में सरकार को टैक्स देने होंगे।

     इतना ही नहीं क्रिप्टो करेंसी के हर एक ट्रांजैक्शन पर आपको एक परसेंट (1%) टीडीएस TDS (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स ) सरकार को देना पड़ेगा। 

    मान लीजिए किसी व्यक्ति ने डिजिटल ऐसैट्स में निवेश किया और यह निवेश उसका असेट्स है, वह व्यक्ति इस अपने Assets को किसी दूसरे को भेजता है तो उस  ऐसैट्स की कुल कीमत पर उसको अलग से एक परसेंट (1%) का टीडीएस TDS सरकार को देना होगा। जैसे आप को हर महीने  जो सैलरी मिलती है तो उस पर सरकार जो टैक्स लेती है वह TDS  कहलाता है |

    भारत सरकार अब क्रिप्टो करेंसी को एक इनकम सोर्स मान रही है जिस पर हर ट्रांजैक्शन पर  30 परसेंट टैक्स अब सरकार को पे करना होगा।

    क्या भारत सरकार ने  क्रिप्टो करेंसी  पर 30% टैक्स लगाकर  क्रिप्टो को लीगल कर दिया है?

     

    जहां तक क्रिप्टो करेंसी पर 30 परसेंट का टैक्स लगाकर इसको लीगल करने की बात है तो इसका जवाब हां और ना दोनों में  है,क्योंकि जो डिजिटल करेंसी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा लागू की जाएगी उसको ही सरकार  पूर्ण रूप से डिजिटल  वैलिड करेंसी मानेगी। 

    अभी तक भारतीय सरकार  क्रिप्टोकरेंसी को सिर्फ एक ऐसैट्स  मान रही है, Asset से यह तात्पर्य है कि जिस तरह आप सोना खरीदते हैं या घर खरीदते हैं  वह आपकी संपत्ति है ना कि करेंसी Currency( रुपया)। 

     

    इससे स्पष्ट होता है कि भारत सरकार ने  बिटकॉइन को पूर्ण रूप से लीगल करेंसी नहीं मान रही है, जो भी लोग क्रिप्टो करेंसी (Cryptocurrency) खरीदना बेचना चाहते हैं इसमें इन्वेस्ट Invest कर सकते हैं। 

     

    भारत में 2023 तक आरबीआई (RBI)अपना डिजिटल करेंसी लांच करेगा 

     

     

    भारत देश में क्रिप्टो करेंसी यूजर्स कि यदि बात की जाए तो यह कुल आबादी जनसंख्या का 8% हिस्सा ऐसा है जो कि क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्ट कर चुका है, और इसके इन्वेस्टमेंट कि यदि बात की जाए तो अभी तक कुल 70000 करोड़ रुपए तक का निवेश क्रिप्टोकरेंसी में भारतीय इन्वेस्टर कर चुके हैं, यदि पूरी दुनिया वर्ल्ड (All World) की बात की जाए तो इंडिया में क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्ट करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है इसमें पूरे विश्व का आठ परसेंट 8% निवेश सिर्फ  भारत से है । भारत सरकार ने जो  (30% )  टैक्स क्रिप्टो करेंसी पर लगाया है उससे 70 हजार करोड़ कि निवेशकों को गारंटी मिलेगी जिससे कि निवेशक क्रिप्टो में और ज्यादा इन्वेस्ट कर सकेंगे । भारत में 2023 तक आरबीआई यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अपना डिजिटल करेंसी लांच करेगा  यह  निश्चित है ,आरबीआई की डिजिटल करेंसी बाकी अन्य करेंसी के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और ज्यादा भरोसेमंद साबित होंगी । 

     इसको हम इस तरह से भी समझ सकते हैं कि जैसे आरबीआई (RBI) देश में अपना करेंसी  लाता है जिसे हम कागज के नोटों
    के रूप में अपने पास रखते हैं इसी तरह आरबीआई की अपनी डिजिटल करेंसी भी आ जाएगी
    जिससे कि लोग इसमें निवेश कर पाएंगे और इस पर भी यदि कोई व्यक्ति अपनी डिजिटल
    करेंसी को किसी दूसरे को ऐसे गिफ्ट या भेजता है देता है तो उस पर भी सरकार को 30% टैक्स देना होगा।

    भारत सरकार ने कहा है कि रिजर्व बैंक एक डिजिटल करेंसी को लेकर
    आएगा कोई भी Currency तब करेंसी कहलाएगी , जब उसे सेंट्रल बैंक जारी करेगा  चाहे वह  क्रिप्टो करेंसी ही क्यों ना हो  जो भी चीजें इसके बाहर आती हैं उसको करेंसी नहीं माना जाएगा यह भारत सरकार का  कहना है। 

     

     

     

     

     

     

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