कल है Mahashivratri, आप रख रहे हैं व्रत तो ध्यान में रख लें ये बातें, जय शिव शंभू!


कल महाशिवरात्रि है और कल का दिन और रात देवों के देव Mahadev को समर्पित होगी। शिव भक्तों के लिए कल का दिन एक त्योहार जैसा होगा। ऐसे में प्रत्येक भक्त ने जप-तप और व्रत के माध्यम से औढरदानी भगवान शिव को मनाने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए तैयारियां करना प्रारंभ कर दिया है। यह भी पढ़ें- Russia Ukraine War: अंदर ही अंदर कमजोर हुआ रूस, करेंसी 30 फीसदी नीचे, गहराया आर्थिक संकट महाशिवरात्रि के महाव्रत में कुछ खास बातों ध्यान रखना बहुत ही जरूरी होता है। जैसे कि- यह भी पढ़ें- Elections 2022 Live Updates: इस सीट पर हाईटेंशन वोटिंग, प्रशासन ने बड़ा सी सुरक्षाभगवान शिव हमेशा निश्छल भक्ति को महत्व देते हैं। ऐसे में भूलकर भी शिव की साधना करते समय अपने मन में किसी प्रकार का कपट या अभिमान न लाएं और पूरी श्रद्धा, विश्वास और समर्पण के साथ उनकी विधि-विधान से पूजा करें।Mahashivratri पर भगवान शिव जी की पूजा करते समय भूलकर भी काला वस्त्र धारण न करें। भगवान शिव का पूजन सफेद या फिर लाल, पीला, केसरिया, आसमानी आदि रंग का पहन कर करें।भगवान शिव की पूजा में संभव हो तो सिले हुए वस्त्र पहन कर पूजा न करें और हमेशा शुद्ध आसन पर बैठकर ही पूजा करें।भगवान शिव की पूजा करते समय आपका मुख हमेशा पूर्व या उत्तर की तरफ होना चाहिए।भगवान शिव को कभी भी तांबे के पात्र से दूध अर्पित नहीं करना चाहिए। शिवलिंग पर हमेशा स्टील, पीतल या फिर चांदी के पात्र से ही दूध चढ़ाएं।शिवलिंग के ऊपर लगे हुए कलश में भूलकर भी दूध न डालें। उसमें सिर्फ गंगाजल या शुद्ध जल ही डालें।शिवलिंग पर दूध, दही, शहद से अभिषेक करने के बाद गंगाजल या शुद्ध जल अवश्य चढ़ाएं।शिवलिंग पर चढ़ाई जाने वाले बेलपत्र या शमी पत्र का वज्र भाग अवश्य तोड़ दें। बेलपत्र की डंठल की ओर जो मोटा सा भाग होता है, वह वज्र कहलातामहाशिवरात्रि पर आप भगवान शिव पर नारियल तो चढ़ा सकते हैं, लेकिन कभी भूलकर भी उनका नारियल के जल से अभिषेक न करें।भगवान शिव की पूजा में कुटज, नागकेसर, बंधूक, मालती, चंपा, चमेली, कुंद, जूही, केतकी, केवड़ा आदि फूल नहीं चढ़ाए जाते हैं. इसलिए इन फूलों का भूलकर भी शिव की पूजा में प्रयोग न करें। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को पूजा में तुलसी बिल्कुल न चढ़ाएं और न ही शंख से उनका जलाभिषेक करें।महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को खंडित चावल, हल्दी और कुमकुम न चढ़ाएं, अन्यथा आप शिव कृपा की बजाय महादेव के क्रोध के भागीदार बनेंगे।महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की साधना के लिए बहुत सारे मंत्र हैं, लेकिन उनका सबसे सरल पंचाक्षरी मंत्र ‘ॐ नम: शिवाय’ का जाप आप आसानी से कर सकते हैं।(यह आलेख जन रूचि के लिए है। यह किसी तरह का दावा नहीं करता है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है)

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