एग्जाम ब्रेकिंग : छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन, बातों बातों मे बीत गया 1 महीना, 14 मार्च को पुन: जुटेंगे छात्र


ALLAHABAD UNIVERSITY : इलाहाबाद विश्वविद्यालय व संगठक काॅलेजेज में छात्र-छात्राओं में अब तक परीक्षाओं के माध्यम को लेकर उहापोह मचा हुआ है। ज्ञात हो कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय परीक्षा समिति ने 11 फरवरी 2022 को वार्षिक परीक्षाओं को ऑफलाइन माध्यम से कराने का निर्णय लिया था। जिसको लेकर छात्र-छात्राओं के व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। लिहाजा समीक्षात्मक हाई पावर कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने अंतिम रूप से छात्र-छात्राओं को आवेदन लिखने को 10 मार्च तक कहा था और छात्र-छात्राओं ने वह भी प्रकिया पूरा कर लिया है। लेकिन इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन अब तक कुछ भी स्पष्ट नही कर रहा।

छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़ -

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इस रवैये के कारण छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में पड़ा हुआ है। प्रैक्टिकल विषयों के छात्र-छात्राओं को बहुतायत दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। लेकिन इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र-छात्राओं को निर्णय सुनाने के बजाय लगातार भ्रमित कर रहा और उन्हे मानसिक दबाव दे रहा।

तारीख पर तारीख आती है पर निर्णय नही -

इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने 14 फरवरी से 14 मार्च तक सीधे एक महीने छात्र-छात्राओं का बर्बाद कर दिया। जहाँ छात्र-छात्राओं को स्पष्ट निर्णय सुनाया जाना चाहिए। वहाँ इलाहाबाद विश्वविद्यालय के आलाधिकारी व हाई पावर कमेटी के सदस्य तक भी गहरी निंदा मे सोए है और जब जब छात्र-छात्राएँ इनसे निर्णय माँगते है। यह उन्हे तारीख दे देते है। कही न कही इसके चलते छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

14 मार्च को पुन : जुटेंगे छात्र-छात्राएँ -

आम छात्र-छात्राओं के एक समूह ने पोस्टर जारी कर सुबह 11 बजे 14 मार्च 2022 को इलाहाबाद विश्वविद्यालय मेन कैंपस कुलपति कार्यालय जुटान का आह्वान किया है। छात्र-छात्राओं का स्पष्ट माँग है कि उनके हक में ऑनलाइन परीक्षाओं पर निर्णय दिया जाए। लंबित प्रकिया के कारण एयू प्रशासन का सोशल मीडिया पर किरकीरी हो रही है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील -

इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील है कि छात्र-छात्राओं के हक को देखते हुए ऑनलाइन परीक्षाओं पर निर्णय सुनाए और जल्द से जल्द टाइमटेबल जारी किया जाए जिससे छात्र-छात्राओं को अपने परीक्षाओ को अंतिम रूप देने का समय मिले। उसके बाद वह निश्चित रूप से अपने आगामी प्रवेश परीक्षाओं पर ध्यान दे रहे। छात्र-छात्राओं को तारीख नही निर्णय सुनाया जाना चाहिए।

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