रूस यूक्रेन युद्ध 2022 से बढ़ सकता है क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल, Ethereum के को फाउंडर की राय आओ जाने:

 



रूस यूक्रेन युद्ध 2022 से बढ़ सकता है क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल, Ethereum के को फाउंडर की राय आओ जाने:



रूस यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध के चलते क्रिप्टो करेंसी  Cryptocurrency  इको सिस्टम में एक महत्वपूर्ण मोड़ आ सकता है, क्योंकि कई छोटे-छोटे देश  इसी  क्रिप्टो करेंसी में निवेश करके इस आभासी मुद्रा के जरिए अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में लगे हैं  Joseph Lubin एथेरियम (Ethereum)के को फाउंडर द्वारा इस सेगमेंट को लेकर अमेरिका की सरकार द्वारा चुने गए रास्ते की निंदा की है।  वर्तमान समय में यूक्रेन संकट क्रिप्टोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है ,क्योंकि इस क्रिप्टो करेंसी के जरिए यूक्रेन ने कई देशों के साथ अपने हथियारों तक का सौदा इसी क्रिप्टो करेंसी से किया है इससे आने वाले भविष्य में इसकी लोकप्रियता बढ़ सकती है क्योंकि वर्तमान समय में कई महत्वपूर्ण  कार्य देश को अपने देश की अर्थव्यवस्था में शामिल करने की होड़ में है जो कि आने वाले भविष्य की संभावनाओं की नजर से विश्व की अर्थव्यवस्था बदलने में एक  महत्वपूर्ण  और अपनी गहरी छाप छोड़ सकते हैं।

 

क्रिप्टो करेंसी और एथेरियम Ethereum के को फाउंडर जोसेफ लुबिन( Joseph Lubin) ने इसी क्रिप्टो करेंसी को एक महत्वपूर्ण पॉइंट माना है। जोसेफ का मानना है कि रूस के खिलाफ Crypto को यूक्रेन के द्वारा बेहतर हथियारों के रूप में एक बेहतर विकल्प  के रूप में देखा जा सकता है ,क्योंकि इसी क्रिप्टो करेंसी से यूक्रेन ने अपने हथियारों को धार देने की रणनीति अपनाई है ,कई बार तो यहां तक सुनने में आया कि यूक्रेन इसी के जरिए अपनी सेना के लिए अन्य दूसरे देश से क्रिप्टोकरंसी का यूज करके हथियारों की खरीद-फरोख्त तक कर रहा है यह कितना सच है या कितना नहीं यह तो आने वाला समय बताएगा पर जिस तरह से क्रिप्टोकरंसी का क्रेज वर्तमान समय में चल रहा है उसको देखते हुए यह कहना अनुचित नहीं होगा कि आने वाले भविष्य में क्रिप्टो करेंसी का यूज़ Use कई तरह के   कार्यों  के विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है।

 इसका एक यथार्थ सत्य तब सामने निकल कर आया जब यूक्रेन की सरकार को क्रिप्टोकरेंसीज में डोनेशन के तौर पर $60000000 डॉलर से अधिक लगभग 450 करोड रुपए प्राप्त  हुए हैं।आने वाले भविष्य में किसी क्रिप्टो करेंसी को छोटे- छोटे देश ना सिर्फ केवल इस करेंसी से संकट के समय दूसरे देशों के साथ इस मुद्रा का एक्सचेंज करके अपनी आर्थिक और सैनिक गतिविधियों में इसको शामिल कर सकते हैं बल्कि इससे खाद्य सामग्री तक की महत्वपूर्ण कार्यों में इस को शामिल किया जा सकता है ।

 

क्रिप्टो करेंसी को लेकर विश्व के कई महत्वपूर्ण देशों में इस पर कानून बनाने की मांग निवेशकों द्वारा की जा रही है जिस पर विश्व का ध्यान केंद्रित होना स्वाभाविक बात है । विश्व की बढ़ती शक्तियों में से भारत में भी इस क्रिप्टोकरंसी पर कानून बनाने को लेकर मांग तेजी से बढ़ रही है और सरकार इस पर 30% परसेंट का टैक्स का नियम लगाकर इस क्रिप्टो करेंसी में आने वाले समय में बदलावकी तरफ इशारा कर दिया है इतना ही नहीं हाल ही में राष्ट्रपति अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाईडन ने पिछले सप्ताह में जिस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए हैं वह एक तरह का क्रिप्टो करेंसी मैं एक अहम कदम दिखाई पड़ता है, क्योंकि कई सारे देश को लागू  या ना लागू करने से संबंधित दुविधा में फंसे हुए हैं और आने वाले समय में इसकी उपयोगिता और इसके हानिकारक प्रभाव को देखकर ही इस पर कुछ ठोस निर्णय लिया जा सकता है। कोई भी महत्वपूर्ण तथ्य  उठा कर देख ले प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से क्रिप्टोकरंसी लोगों के जेहन में है और इसके संभावित परिणाम भी भविष्य में अपनी गहरी छाप छोड़ सकते हैं इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। 

 

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