2022:भारत में क्रिप्टो करेंसी टैक्स (TAX) पर लोकसभा की मंजूरी मिली आओ जाने:




2022:भारत में क्रिप्टो करेंसी टैक्स (
TAX) पर लोकसभा की मंजूरी मिली आओ जाने: 

 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त विधेयक 2022 पर लोकसभा में अपने संबोधन में कई सारे प्रश्नों का उत्तर देते हुए क्रिप्टो करेंसी पर दुविधा को लेकर अपने विचार विमर्श किए इस दौरान उन्होंने इस बात पर जोर देकर कहा कि आने वाले वित्त वर्ष 2022- 23  में सभी प्रकार के वर्चुअल डिजिटल Assets (वीडीए) से होने वाली कमाई पर 30 परसेंट टैक्स को मंजूरी मिल गई है। अब क्रिप्टोकरंसी को भी VDA (वीडीए) माना जाएगा, वित्त विधेयक के अनुसार इस तरह के किसी भी कोड, नंबर या टोकन को वीडीए माना जाता है जिसे ट्रांसफर ,स्टोर या इलेक्ट्रॉनिक रूप में कारोबार किया जाता है यह सभी प्रकार की क्रियाएं क्रिप्टोकरंसी में सम्मिलित है इसलिए वीडीए के अंतर्गत अब  आएगा। वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर देते हुए इसको और स्पष्ट किया कि वित्त विधेयक के अनुसार विषय ट्रांसफर स्टोरी अलग रूप में कारोबार किया जाता है उस विधेयक के मुताबिक डीडीए के सभी लेनदेन पर 1% पीडीएस भी देना होगा।  (वीडीए) से होने वाले किसी भी नुकसान को Tax  में समायोजित नहीं किया जा सकेगा। वित्त विधेयक में कई तरह से लोग घोटाले करके टैक्स बचाने की कोशिशें करते हैं ऐसे में वित्त विधेयक में सर चार्ज भुगतान को अपनी आय में दिखाकर टैक्स बचाने वालों की पहले के समय में   (रेस्ट्रोस्पेक्टिव) से जांच की जा सकती है इसे  वर्ष 2005 2006 मूल्यांकन वर्षों से लागू माना जाएगा इसमें जुर्माने का भी प्रावधान है। नए वित्त वर्ष से अब आइटीआर ITR को भी आप अपडेट कर पाएंगे।

 

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब  क्रिप्टो करेंसी को लेकर कोई दुविधा नहीं: 

 

शुक्रवार यानी 23 मार्च 2022 को लोकसभा में वित्त विधेयक पर अपने जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट कहा कि वर्चुअल डिजिटल Assets यानी  क्रिप्टो  को लेकर सरकार में कोई अस्पष्टता नहीं है। क्रिप्टो करेंसी (Cryptocurrency)  के ऊपर रोक लगाना है या नहीं या इसे कानून के दायरे में लाना है  इन सभी पहलुओं पर वित्त मंत्री ने  अपना स्पष्टीकरण रखा, उन्होंने कहा कि क्रिप्टो करेंसी पर इसलिए टैक्स लगाया गया है क्योंकि भारी संख्या में क्रिप्टो  का लेनदेन हो रहा है और बहुत अधिक मात्रा में लोग इसे कमाई कर रहे हैं उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि क्रिप्टोकरंसी पर 1% टीडीएस TDS काटने का उद्देश्य राजस्व कमाना नहीं है, बल्कि हर एक ट्रांजैक्शन Transaction क्लेनदेन पर नजर रखना है क्योंकि इससे क्रिप्टो में कहां-कहां पर पैसा आ -जा रहा है उन सभी ट्रांजैक्शन को  (देखने) या ट्रेस करने में मदद मिलेगी। 

 

1 फरवरी 2022 को भी इस पर अपनी स्पष्टता देते हुए निर्मला सीतारमण ने  क्रिप्टो करेंसी पर होने वाली कमाई पर 30 परसेंट टैक्स लगाने का प्रावधान रखा था ,जो कि सरकार की तरफ से एक अहम निर्णय माना जा रहा है और आने वाले समय में सरकार इस पर क्या कोई नया कानून लाकर इसको कानूनी तौर पर वैद्य कर सकती है या नहीं इस पर भारतीय क्रिप्टो निवेशकों की नजरें टिकी हुई है वर्तमान समय में रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण भी क्रिप्टोकरंसी की मार्केट में काफी गिरावट देखने को मिल रही है इसके साथ-साथ सरकार की नई रणनीति और नए फैसलों की तरफ निवेशकों का ध्यान बना हुआ है जैसे ही  इस पर कोई अहम फैसला या निर्णय सरकार लेती है जरूर ही क्रिप्टो करेंसी मार्केट में इसका प्रभाव दिखेगा ।

 



 

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