BASTAR - बीजापुर जिला अंतर्गत 11 मार्च 2022 को हुए पुलिस नक्सली मुठभेढ़ में रितेश पुनेम को पुलिस ने मार गिराया और तीन 3 लाख का इनामी नक्सली बताया। उसके बाद शव को परिजनों को सौंपा ।शव को ग्रामीणों को सौंपने के बाद ग्रामीण शव को लेकर लगातार विरोध कर रहे हैं।
विनोद नेताम
छत्तीसगढ़ ग्रामीणों का कहना है कि जिस रितेश पुनेम को मार गिराया वो दरअसल नक्सली नही था वो निर्दोष आम ग्रामीण था, जिस रितेश पुनेम को पुलिस ने मार गिराया वो व्यक्ति का नाम सन्नू पुनेम हैं वो अपने परिजनों से मिलने कैका गया हुआ था वही से पुलिस उसे उठाकर अपने साथ ले जाकर उसे नक्सली बताकर 11 तारीख़ को फ़र्ज़ी मुठभेड़ में पुलिस ने मार गिराया।11 को हुए मुठभेड़ में आदिवासी ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू किया। और कहा वो नक्सली नही है निर्दोष ग्रामीण हैं ।और सबसे बड़ी बात सन्नू पुनेम के शव को 3 दिनो से अंतिम संस्कार भी नही किया गया हैं।शव को किकलेर गाव में रखा हुआ हैं ।
परिजन लगातार 3 दिनो से शव को अपने पास रखकर रो रहे है, आदिवासी ग्रामीणों का रो रोकर बुरा हाल हैं लोगों के आँखों में दुःख का पहाड़ नज़र आ रहा हैं।जब तक उनके परिजनों को न्याय नही मिलोगे तब तक शव को बिना अंतिम संस्कार किए विरोध करते रहेंगे ग्रामीण।आदिवासियों ने बताया कब तक इसी तरह आदिवासी ग्रामीणों को पुलिस मौत के घाट उतारते रहेंगे । मामले में ग्रामीणों की मांग है , कि मामले की निष्पक्ष जांच हो दोषियों पर कार्रवाई हो ।
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