खाकी के अंदर वाकई चमक बांकी रह गई है ।

                                         आलेख विनोद नेताम ..... खाकी के अंदर वाकई चमक बांकी रह गई है यह सवाल इन दिनों पुलिस महकमा के द्वारा लगातार उठाये जा रहे कदम को देखकर आम जनता उठा रही है । लोगों की मानें तो छत्तिसगढ़ राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने से  बाद प्रदेश में शराब , जुंआ , सट्टा ,एवं अपराधिक घटनाओं में तेजी से वृद्धि होते हुए साफ देखा जा चुका है । राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सरकार के सामने कई दफ्फा सवाल उठाए गए , लेकिन सरकार हर बार लोगों को झूठी आश्वासन देकर खुद की  पीठ थपथपाने में ज्यादा नजर आई । लिहाजा छत्तीसगढ़ सरकार के लिए आम जनता के मध्य यह बात घर कर गया कि मौजूदा सरकार छत्तीसगढ़ के अंदर जानबूझ कर इस तरह से गैर कानूनी गतिविधियों को अंजाम देने वाले लोगों को बढ़ावा दे रहा है । आम जनता की सरकार के प्रति इस तरह से नजरिया बनना किसी भी सरकार के लिए अच्छा नहीं माना जा सकता है शायद इस बात की भनक भूपेश बघेल की नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार को लग गई जिसके चलते इन दिनों प्रदेश के अंदर लगभग सभी थाना क्षेत्र में लगातार रोज अवैध शराब , जुंआ , सट्टा कारोबार में शामिल लोगों की जमकर धर पकड़ किया जा रहा है । पुलिस के द्वारा लगातार हो रही कार्यवाही पर जंहा एक ओर अपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने वाले लोगों की हलक में सांस अटकी पड़ी हुई है , तो वंही अंडरग्राउंड सोर्स से पैसा वसूल करने वाले खाकी के सिपेहसालारो की जेब में अठ्ठनी की वांदे पड़ गई है । बहरहाल छत्तिसगढ़ पुलिस के द्वारा लगातार हो रही कार्यवाही इस बात की तस्दीक करती है ,कि राज्य में अवैध जुंआ , सट्टा , अवैध शराब का चलन हद से ज्यादा बढ़ गई है , जबकि इसके बढ़ने की मुख्य वजह भी विभाग में पदस्थ जिम्मेदार है जिनके कंधे पर इस तरह कार्यों को रोकने की जिम्मेदारी तय की गई थी । जिम्मेदारो के खामोश बने रहने के चलते राज्य भर में शराब ,जुआ , सट्टा का शहर बसाया गया है और उसी शहर से रह रह कर आवाज निकल रही है हमने तो तीन साल तक खूब नोट छापे अब करो कार्रवाई हमें कोई परवाह नहीं है ।अब देखना यह है कि यह आवाज जो निकल रही है उसे छत्तिसगढ़ की सरकार किस अंदाज में लेती है , फिलहाल पुलिस महकमा के द्वारा रोजना कार्यवाही व धरपकड़ जारी है । पुलिस विभाग के द्वारा लगातार की जा रही कार्यवाही का असर इन दिनों लोगों को देखने को भी मिल राहा है । एक समय हुआ करता था जब गांव के गांव पुरा उठ कर शराब एवं सट्टा कारोबारीयो की शिकायत करने हेतू लोग घंटों थाना में खड़े होकर गुहार लगाया करता था जिसके बाद भी गांव वालों की शिकायतो को पुलिस विभाग गंभीरता से नहीं लेती थी जिसके चलते दिनों दिन पुलिस विभाग की छवि आम जनता के मध्य दो कोड़ी की बनकर रह गई थी लेकिन देर आये दुरूस्त आये' की कहावत को चरितार्थ करते हुए इन दिनों छत्तिसगढ़ पुलिस जमकर अपराधिक कृत्य कर समाज को गंदा करने वाले लोगों को तलाब में मरी मछली को मछुआरा जिस तरह से निकाल फेंकता है ठीक उसी तरह से पुलिस महकमा कार्य कर रही है ।

Comments

Popular posts from this blog

Gove confirms mandatory housebuilding targets for councils will be abolished in face of Tory rebellion – UK politics live

Kotak Mahindra Bank Recruitment 2022 Released for Graduate Candidates And Apply Online