जिला में एक बार पुनः गजराजो का आगमन ,दहशत में वनांचल क्षेत्र के ग्रामीण ।

        विनोद नेताम          
     बालोद : जिला में एक बार फिर हाथी दल का आगमन की सूचना वनविभाग गुरूर व वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणो से मिली है । गुरूर वन परिक्षेत्र अंतर्गत मरकाटोला के आसपास की जंगलों में एक दंतैल हाथी व उनके दल होने की पुष्टि की गई है । इससे पहले हाथीयो की दल ने पुरे जंगल में दहशत की गूंज ला खड़ी कर दी ,अब पुनः हाथीयों के दल की आने की सुचना भर मिलने के बाद वनांचल क्षेत्र के कई ग्राम वासियों को अलर्ट कर दिया गया है । वंही ग्राम वासियों में डर का माहौल साफ देखी जा रही है ।हाथीयों के दल ने कुछ किसानों के फसलों को नुकसान पहुंचाने की भी खबर प्राप्त हुई है । इससे पहले गजराजों ने बालोद जिला सहित प्रदेश भर  कई जिला में आमजन व धन का भरपूर नुकसान किया हालांकि इस पर सरकार ने ज्यादा कुछ  लागू नहीं होने के कारण किसानों की एक तरह से मुंह दबा दिया तो वंही दूसरी ओर चुपचाप केन्द्रिय एजेंसी के दिशा निर्देश को दरकिनार कर हसदो अरण्य अभ्यारण को राजस्थान सरकार को अदानी ग्रुप समूह के मार्फत बेंच दिया जो की छत्तीसगढ़ राज्य अंतर्गत हाथीयों के लिए जाना व पहचाना जगह माना  जाता रहा है । लगातार इस क्षेत्र में खनन व अन्य कारणों के चलते हाथीयों का झूंड प्रदेश के अन्य अन्य जिलों पिछले कुछ दिनों से उत्पात मचा रही है, तो वंही दूसरी ओर हसदो अरण्य अभ्यारण क्षेत्र में रहने वाले गरीब आदिवासी इस क्षेत्र को बेचने को लेकर लांबबंद होकर लंबी लड़ाई हेतू लागातार आंदोलन कर रहे है । सरकार को लगातार होती हुई मानव व हाथी दंव्द को तत्काल रोकने हेतू स्थिर दिशा में प्रयास करना चाहिए , ताकी लगातार होने वाली हाथीयों के नुकसान से आम जनता को बचाया जा सके । सरकार हाथीयों के लगातार नुकसान पर अबतक ज्यादा कुछ नहीं कर पाई है यह सर्व विदित है , जबकि सरकार के रहते हुए हाथी और मानव आपस में भिड़ रहे है यह ग़लत बात है बहरहाल बालोद जिला में एक बार फिर हाथीयों की चिंघाड़ गुजेंमान है । वनविभाग बालोद की पुरी टिम हर वक्त चौंकाना होकर निगरानी में जुटी हुई है ताकी हाथी आम जनता को नुकसान ना पहुंचा सके ।अब गजराज कंहा ,कंहा और किस का किस और क्या, क्या नुकसान करते हैं ये तो गजराज ही  जाने पिछले समय हाथीयों के द्वारा नुकसान की भरपाई हेतू सरकार ने वन विभाग की मुस्तैदी में  राजस्व विभाग के समझ हाथीयों से हुई नुकसान की झति पूर्ति हेतू ग्राम वासियों से नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर मुआवजा हेतू सरकार के द्वारा भेजी गई थी , लेकीन ज्यादातर लोग जिनका जन धन का नुकसान हुआ है वे लोग सरकारी मुआवजा से खुश नहीं हैं । हाथी दल की नुकसान से प्रभावित ज्यादातर लोगों की मानें तो हाथीयों के द्वारा नुकसान गई नुकसान की भरपाई के नाम पर सरकार वनांचल क्षेत्र में रहने वाले बांसिदो को उंट की मूंह में जीरा डाल कर हमें छोड़ दिया हाथीयों के आगे यह उचित नहीं है ।

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