आखिरकार पुतिन ने मानी पीएम मोदी की मांग, यूक्रेन से छात्रों को निकालने के लिए किया ऐसा बड़ा ऐलान


यूक्रेन और रूस में इस वक्त भीषण जंग (Russia Ukraine War) छिड़ी हुई है। इस जंग में कई आम नागरिक फंसे हैं। ऐसे में रूस ने युद्धग्रस्त इलाकों से लोगों को निकालने के लिए सीजफायर (ceasefire in ukraine) का ऐलान किया है। रूस ने मारियोपोल और वोल्वोनोखा (Mariopol and Volvonokha) में ग्रीन कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। भारतीयों को निकालने की दिशा में अब यह बहुत ही महत्‍वपूर्ण कदम है। यह सीजफायर भारतीय समयानुसार 11.30 बजे से लागू हो गया है। हालांकि इन दोनों ही इलाकों में भारतीयों की संख्‍या बहुत कम है, फिर भी शांति की दिशा में बढ़‍िया कदम है। माना जा रहा है कि यूक्रेन और रूस के बीच दूसरी दौर की बातचीत के बाद इस कॉरिडोर को बनाने पर सहमति बनी है। बता दें कि पीएम मोदी (PM Modi) अब तक दो बार रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन (President Vladimir Putin) से इस संबंध में बातचीत कर चुके हैं। भारत ने यूक्रेन और रूस से मांग की थी कि वे हमारे नागरिकों को निकलने का मौका दें और सीजफायर का ऐलान करें।ये भी पढ़ेंः भारतीय फिल्मों में धूम मचा चुकी है यूक्रेन की ये एक्ट्रेस, गंदी बात में दिखा हुस्न का ऐसा जलवावहीं दूसरी तरफ यूक्रेन के सूमी क्षेत्र में युद्ध क्षेत्र में फंसे असम के छात्र रूसी सैनिकों द्वारा पीटे गए इस पूर्वोत्तर शहर से उन्हें तुरंत निकालने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को SOS ट्वीट भेज रहे हैं। असम मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Chief Minister Himanta Biswa Sarma) ने इन छात्रों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सुमी क्षेत्र में कुछ छात्र हैं और यह हमारी सबसे बड़ी चिंता है क्योंकि वहां युद्ध जारी है। मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि केंद्र सरकार अंतिम व्यक्ति को सुरक्षित और स्वस्थ घर वापस लाने के अपने प्रयास जारी रखेगी।ये भी पढ़ेंः साउथ कोरिया ने उठाया रूस-यूक्रेन के युद्ध का फायदा, किम जोंग ने इस देश की तरफ दाग दी मिसाइलप्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, Sumy क्षेत्र में असम के कम से कम 40 छात्र हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि असम के 82 छात्रों को यूक्रेन के विभिन्न इलाकों से निकाला गया है। असम की एक छात्रा, शिवांगिनी भट्टाचार्य, जो सुमी स्टेट यूनिवर्सिटी (Sumi State University) के तीसरे वर्ष की छात्रा हैं, ने एक SOS ट्वीट भेजकर तत्काल निकासी की मांग की है। शिवांगिनी भट्टाचार्य ट्वीट कर लिखा कि कल अपनी खिड़की से यह पहली बार देखा और मेरी इच्छा है कि मैं नहीं था। पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है। हर दिन हम इस उम्मीद के साथ जागते हैं कि मदद हमारे रास्ते में आ रही है, केवल इसे कुचलने के लिए टुकड़ों में। सूमी, यूक्रेन #PMOIndia #MEAindia #OperationGanga #यूक्रेन।

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