'जिसने गलती नहीं की उसकी सजा उसे नहीं', सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर प्रोफेसर के हक में सुनाया फैसला

नई दिल्ली: () ने कोयंबटूर बेस्ड कॉलेज (Coimbatore Based College) से कहा है कि वह एसोसिएट प्रोफेसर के रिटायरमेंट बेनिफिट्स के पेमेंट में हुई देरी के मामले में रकम के ब्याज का भी भुगतान करे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि रिटायर कर्मी ने जो गलती नहीं की है उसकी सजा उसे नहीं भुगतना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देरी के लिए जो जिम्मेदार है उससे वह ब्याज की रकम वसूल सकता है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह की अगुवाई वाली बेंच ने रिटायर एसोसिएट प्रोफेसर की अपील पर फैसला दिया है। मद्रास हाई कोर्ट ने रिटायर एसोसिएट प्रोफेसर की याचिका का निपटारा करते हुए कहा था कि आखिर में सरकार को इस मामले में जांच रिपोर्ट पर उचित फैसला लेना है। हाई कोर्ट के फैसले को प्रोफेसर ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मैनेजमेंट या ट्रस्टी को निर्देश दिया जाता है कि वह रिटायर एसोसिएट प्रोफेसर को रिटायरमेंट बेनिफिट में देरी का ब्याज भुगतान करे। रिटायरमेंट की तारीख से लेकर रकम के भुगतान की तारीख तक का ब्याज भुगतान किया जाए। यह भुगतान सरकार की ओर से जांच रिपोर्ट के मामले में आखिरी फैसले के दायरे में होगा।
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