चोरी के बारह दिन बाद भी खर्राटे भर रहे पट्टावी साहब !
दल्ली राजहरा के वार्ड नंबर 9 स्थित एक मकान में हुई चोरी की बारह दिन बाद भी कोई कार्यवाही नहीं जबकि चोरी संबंधित वारदात की खबर को प्रमुखता से दैनिक अखबारों ने प्रकाशित करते हुए माननीय थाना प्रभारी दल्लीराजहरा को मामले में जानकारी देने का प्रयास किया गया था । कछुए की चाल से आगे बढ़ रही राजहरा पुलिस की कार्यवाही के कारण मुख्य आरोपी खुले आम घूम रहा हैं। वहीं पुलिस ने मुकदमा दर्ज होने के बाद पीड़िता से उसके घर के सारे सामान के ओरिजनल दस्तावेज मांग रही है। साफ स्पष्ट है कि चोर ने घर के सामान के साथ पीड़िता के सारे दस्तावेज भी चोरी कर गायब कर दिया है इसका उल्लेख आवेदन में किया गया है।
वार्ड क्रमांक 9 में निवासरत नाबालिग बालिका ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि कुसुमकसा निवासी परवेज मिर्जा ने उसके घर का कीमती सामान और दस्तावेज चोरी कर वाहन में ले जाने का आरोप लगाया था।
पीड़ित का आरोप था कि 27 फरवरी 2022 को दिन दहाड़े चोर कार व गाड़ी में उनके मकान का सामान भरकर ले गए थे, जिसे चोरी करने के साथ ही आरोपी ने मकान के कई सामान को तोड़ दिया। बावजूद इसके स्थानीय पुलिस की नींद नहीं टूटी। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्यवाही भी नहीं की। वहीं पीड़ित नाबालिग बच्ची ने बताया कि राजहरा पुलिस अभी तक घर का सामान और हमारे दस्तावेज खोजने नहीं गई है, पुलिस न तो माल ही बरामद कर पाई है और न ही किसी आरोपी को गिरफ्तार कर सकी है। उधर थाना प्रभारी सटोरियों की तफ्तीश में व्यस्त है। पुलिस की जिम्मेदारी सभी नागरिकों के प्रति समान होती है इसमें कोई संदेह नही है , लेकिन अपराध पंजीबद्ध होने के बाद जांच पुलिस को तत्काल करते हुए पिड़ित को न्याय दिलाने में सहायक भूमिका निभाना चाहिए ताकी कानून के प्रति सभी नागरिकों का सम्मान बना रहे । आये दिन पुलिस के द्वारा लेतलतिफी करने से पिड़ित पक्ष को न्याय पाने में विलंब होता है , जिसके चलते लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल पाता है । न्याय समय पर नहीं मिलने पर पिड़ित पक्ष कई बार जरूरी कदम उठा लेता है तो वंही कई दफ्फा लेतलफिती के चलते पुलिस और कानून लजित होता है अतः दल्ली राजहरा थाना प्रभारी से मामले में सादर निवेदन है कि लेतलतिफी ना करते हुए तत्काल मामले पर संज्ञान लेवे और पिड़िता को न्याय दिलाने में मददगार साबित हो ताकी न्याय की अवधारणा परिलक्षित होता हुआ प्रतीत नजर आ सके
विनोद नेताम
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