छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में चल रहे किसानों के आंदोलन के बीच एक किसान की मौत हो गई
विनोद नेताम
न्याय की गणित छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में चल रहे किसानों के आंदोलन के बीच एक किसान की मौत हो गई। किसान की मौत को लेकर समिति व गांवों में प्रदेश सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है, जिसे देखते हुए बिरौदा गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। किसान भी बड़ी संख्या में गांव पहुंच रहे हैं तो वंही मामले को लेकर सरकार की सांसें अटके पड़ी हुई नजर आ रही है ।
बता दें कि नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति के बैनर तले 27 गांवों के किसान जमीन अधिग्रहण व विभिन्न मांगों को लेकर 68 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। शुक्रवार को किसान मंत्रालय जाने के लिए निकले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इसके बाद किसान सड़क पर ही बैठक गए। पैदल मार्च के बाद किसान सियाराम पटेल (66 वर्ष) बेहोश होकर गिर गया और उसके मुंह से झाग निकलने लगा। उसे पास के अस्पताल में लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इधर किसान के अंतिम संस्कार में शामिल होने बड़ी संख्या में किसान पहुंच रहे। कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका में पुलिस प्रशासन ने पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है। समिति के अध्यक्ष रुपन चंद्राकर ने किसान की मौत के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
सोशल मीडिया में किसानों को गांव पहुंचने की अपील
किसान समिति के लोग वाट्सएप ग्रुप में सभी 27 गांवों के लोगों से निवेदन कर रहे हैं कि किसान आंदोलन के प्रथम शहीद माटी पुत्र सियाराम पटेल के निज निवास ग्राम बरौदा पहुंचे। सोशल मीडिया में सभी गांव के लोगों को धरना स्थल में पहुंचने की अपील की गई है। किसान संगठन सियाराम पटेल के शव को आंदोलन स्थल पर लाने की तैयारी कर रहे हैं। समिति के लोगों का कहना है कि 27 गांव के किसान आंदोलन स्थल पर श्रद्धांजलि देंगे उसके बाद ही किसान का अंतिम संस्कार किया जाएगा। किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
मृतक के परिजनों को एक करोड़ मुआवजे की मांग
संयुक्त किसान मोर्चा ने दिवंगत किसान के परिवार को 1 करोड़. मुआवजा देने की मांग की है। इधर भाजपा किसान मोर्चा व आंदोलन समति ने भी एक करोड़ रुपये मुआवजा की मांग की है। ऐसा नहीं किए जाने पर बीजेपी किसान मोर्चा पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी। भाजपा का कहना है कि यूपी में किसानों की मौत पर 50-50 लाख रुपये कांग्रेस सरकार दे सकती है तो फिर यहां क्यों नहीं? इधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसान के परिवार को 4 लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की है।

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