मणिपुर में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने जताया भरोसा, कोई नेतृत्व संघर्ष नहीं, बहुमत से जीतेंगे


इंफाल। मणिपुर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के बाद भाजपा में विधायक दल के नेतृत्व को लेकर किसी तरह की खींचतान की संभावना को खारिज करते हुए पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने का विश्वास व्यक्त किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अधिकारीमयुम शारदा देवी (State BJP President Adhikarimayum Sharda Devi) ने दावा किया कि 28 फरवरी को पहले चरण में 38 सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा 26 सीट पर जीत हासिल करेगी और दूसरे चरण के चुनाव के बाद आसानी से 30 से अधिक सीटों के जादुई आंकड़ों को छू लेगी। पांच मार्च को दूसरे और अंतिम चरण में 22 सीटों पर चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार में व्यस्त शारदा ने बहुमत से कम होने की स्थिति में पार्टी की गठबंधन की योजना के बारे में पूछे जाने पर कहा, फिलहाल हमें पूर्ण बहुमत मिलने का भरोसा है और इसलिए हमने चुनाव के बाद किसी गठबंधन पर विचार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा ने अपने दम पर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है और इसके लिए सभी 60 निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार खड़े किए हैं। यह भी पढ़ें- रूस यूक्रेन युद्ध के बीच पुतिन की बेटी के पीछे पड़ी दुनिया, खू​बसूरती देख दीवाने हुए लोगराजनीति के गलियारों में व्याप्त चर्चा के मुताबिक मणिपुर में भाजपा ने अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम तय नहीं किया है , लेकिन ऐसा चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी तरह की विरोधाभासों को टालने के लिए किया गया है, क्योंकि यहां से कई नेता मुख्यमंत्री बनने के महत्वाकांक्षी हैं। इस संदर्भ में सुश्री शारदा ने कहा कि नेतृत्व के लिए संघर्ष का कोई सवाल ही नहीं है। चुनाव प्रचार के दौरान सभी नेता और उम्मीदवार भाजपा के सिद्धांतों के मुताबिक काम करते रहे हैं। उन्होंने कहा, हमारे पास मुख्यमंत्री के रूप में एन बीरेन सिंह हैं और हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं। हम हाईकमान के फैसले का पालन करेंगे। उन्होंने कहा, भाजपा ग्रेटर नागालैंड अथवा मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता को भंग करने वाली किसी भी मांग का समर्थन नहीं करती है। जब 2001 में एनएससीएन (आईएम) के साथ संघर्ष विराम को क्षेत्रीय सीमाओं से आगे बढ़ाये जाने की घोषणा की गयी थी , तब राज्य में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। उन्होंने कहा, यह ऐतिहासिक है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मणिपुर की आवाज सुनी और संसद में घोषणा की कि क्षेत्रीय सीमा से परे कोई निर्णय नहीं लिए जायेंगे।यह भी पढ़ें- ये हैं रूस के चार जिगरी दोस्त देश, हर समय कुछ भी करने को रहते हैं तैयारशारदा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दल की दिलचस्पी केवल समुदाय आधारित राजनीति में है और वह केवल समुदाय के संदर्भ में बोलती है। उन्होंने कहा, किसी को भी समुदाय आधारित राजनीति को बढ़ावा देने वाले मुद्दों को नहीं उठाना चाहिए। कृपया राष्ट्र की एकता के व्यापक परिप्रेक्ष्य को देखें, जिस पर भाजपा का ²ढ़ विश्वास है। राज्य में बढ़ती बेरोजगारी के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा, हमें सरकारी नौकरियों को केवल नौकरियों के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ध्यान केंद्रित करना है। उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी की समस्या लंबे समय से है जिसे पांच साल में हल करना संभव नहीं है। युवाओं के हित में स्टार्ट-अप कार्यक्रम शुरू किये गये, जिसका उन्हें बेहतर प्रतिसाद मिला है।

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