UP Election 2022 PM Modi and Yogi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में अब इस बार पंचायती चुनाव 2022 की तुलना में कम पदों पर होंगा। वाराणसी में 61 ग्राम पंचायतों को नगर निगम सीमा में शामिल कर लिया गया है। इसके बाद अब पंचायतों को पुनगर्ठन का काम शुरू हो चुका है। पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अभी तक जिला पंचायत के 48 में से 7 वार्ड खत्म होंगे। और इस तरह जिला पंचायत सदस्यों का चुनाव केेवल 41 सीटों पर ही होगा। इसी प्रकार वर्तमान में मौजूदा 1198 बीडीसी यानी क्षेत्र पंचायतों में से मात्र 1011 ही क्षेत्र पंचायत वार्ड ही रह जाएंगे। और शेष 187 वार्ड समाप्त हो जाएंगे।
61 ग्राम पंचायतों के नगर निगम सीमा में शामिल होने के बाद 699 ग्राम पंचायतों में ही केवल अब ग्राम प्रधान का चुनाव होगा। और सब सदस्यों की संख्या लगभग 200 से ज्यादा कम हो जाएगी। लेकिन हालांकि कहां कितनी सीटें कम होंगी, इसका पूरा ब्यौरा परिसीमन की सूची के प्रकाशन के बाद ही अब मिलेगा। बताया जा रहा है कि त्रिस्तरीय पंचायत का परिसीमन को अंतिम रूप देने में जिला अधिकारी पंचायतों का खाका खींच चुके हैं। बस, इसको अंतिम रूप देना बाकि है।
चांदपुर, डाफी और सभईपुर पंचायतें बनीं रहेंगी :
अधिकारियों की बात मानें तो आबादी के कम होने के बाद भी चांदपुर, डाफी व सभईपुर पंचायतें बरकरार रहेंगी। चांदपुर ग्राम पंचायत की आबादी करीब 5000 थी और जो अब 3000 हो जाएगी। इसी प्रकार डाफी तथा 3000 की आबादी वाले सभईपुर की आबादी अब 2200 के करीब हो जाएगी। नियमत: 1000 की आबादी पर एक ग्राम पंचायत का गठन हो सकता है। वाराणसी के ग्राम पंचायतों की आबादी 20 लाख से भी अधिक है। 50 हजार की आबादी पर एक जिला पंचायत सदस्य की सीट तय होती है। और इसी प्रकार 2000 की आबादी पर एक क्षेत्र पंचायत सदस्य चुनाव होता है। ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए अलग-अलग नियम बने हैं। मतलब 1000 की आबादी पर 9 ग्राम पंचायत सदस्य, 2000 पर 11 व 2000 से 3000 के बीच 13 तथा 3000 के ऊपर होने पर अधिकतम 15 ग्राम पंचायत सदस्य बनाएं जा सकते हैं।
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