निराई माता जात्रा कार्यक्रम में शासन की तरफ से उपेक्षा छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर संस्कृति पर उपेक्षा है : : उमेश साहू
धमतरी :-छत्तीसगढ़ धर्म और संस्कृति के मामले में पूरे देश के अंदर अपना एक अलग स्थान रखती है ।खास करके छत्तीसगढ़ की छत्तीसगढ़ी संस्कृति और आदिवासी समाज की संस्कृति अपने आप में एक अलग ही छवि बनाती है इसी कड़ी में धमतरी जिला और गरियाबंद जिला के बॉर्डर में मोहेरा ग्राम पंचायत के अंतर्गत निराई माता मंदिर है जो पहाड़ में स्थित है इसके बारे में मान्यता है कि यहां का पट साल में एक बार ही खुलता है और पहाड़ के ऊपर में जो ज्योत जलता है वह स्वमेव जलता है वहां पर माता रानी के बाजू में गुफा है जहां पर भालू वगैरह जानवर हमेशा रहते हैं ।साल में एक बार जात्रा महोत्सव जो होता है वहां पर हजारों हजार की भीड़ में दूर-दूर से श्रद्धालुगण आते हैं और अपने श्रद्धा सुमन माता के दरबार में अर्पित करते हैं इतने हजारों हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं वहां पर मेला लगता है इसके बावजूद वहां पर देखने में आया कि प्रशासन की तरफ से वहां पर कोई व्यवस्था नहीं की गई थी ।वहां पर रात्रि 12:00 बजे से ही भीड़ लगना चालू हो जाता है इसके बावजूद करीब 10:00 बजे तक प्रशासन की तरफ से कोई भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी वहां पर आज ना ढंग से पानी की व्यवस्था है ना रुकने की व्यवस्था है इतने बड़े ।भीड़ को काबू करने के लिए भी प्रशासन के तरफ से कोई व्यवस्था नहीं की गई थी जो चिंता का विषय है इस समाचार के माध्यम से हम पूरे प्रशासन का ध्यान आकर्षण कराना चाहेंगे कि भविष्य में ऐसे हमारे दर्शनीय स्थल का समुचित ढंग से विकास हो व्यवस्था हो ताकि हमारी संस्कृति को हम करीब से देख सके सहेज सकें।
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