अब आगरा लालकिले को लेकर उठा विवाद! ठाकुर जी की मूर्ति दबी होने का दावा
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शादी ईदगाह विवाद को लेकर कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इसी बीच इस मामले में एक और याचिका दाखिल कर हिंदू पक्षकार अधिवक्ता महेंद्र प्रताप ने आगरा लालकिले के सर्वे की मांग की है। इस याचिका में कहा गया है कि औरंगजेब ने मथुरा में श्रीकृष्ण का मंदिर तोड़ा और वहां मौजूद मूर्तियां और बेशकीमती सामान लेकर आगरा के लाल किले चला गया। वहां बेगम साहिबा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे केशव देव की पौराणिक, बेशकीमती व रत्न जड़ित मूर्ति दबी है। याचिका में किले के सर्वे के साथ मूर्ति और बेशकीमती सामान को सीढ़ियों से निकालकर वापस दिलाने की मांग की गई है। कहा गया है कि सीढ़ियों के नीचे मूर्तियों के दबे होने की वजह से हिंदू भक्तों का अपमान हो रहा है।यह भी पढ़ें : डॉन बॉस्को विश्वविद्यालय की भूमि हथियाने के आरोपों की जांच के लिए पैनल का गठनमथुरा के सिविल जज की कोर्ट में दाखिल इस याचिका पर आज ही सुनवाई हो सकती है। गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद मामले में जिला जज की अदालत में पहली सुनवाई हुई थी। सीनियर डिविजन जज ने इस याचिका पर अगली सुनवाई के लिए एक जुलाई की तारीख तय की है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में याचिका सितंबर 2020 में कोर्ट में दाखिल की गई थी।यह भी पढ़ें : Assam Boxer लवलीना बोरगोहेन IBA की एथलीट समिति के अध्यक्ष और निदेशक मंडल के सदस्य के रूप नियुक्तइस पर दो साल बाद तक सुनवाई हुई जब जिला अदालत ने आदेश दिया कि यह याचिका कोर्ट में दायर किए जाने योग्य है। आगरा किले में मूर्ति दबे होने के अपने दावे के समर्थन में अधिवक्ता महेंद्र सिंह ने औरंगजेब के मुख्य दरबारी साखी मुस्तेक खान की किताब मासर-ए -आलम गिरी का हवाला दिया है। याचिका में डायरेक्टर जरनल आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया, अधीक्षक भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण आगरा, निदेशक भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण और केंद्रीय सचिव को पार्टी बनाया गया है।
ALL Credit of this post going to http://www.dailynews360.com/
Comments
Post a Comment
Ask me anything here...