गिद्धौर : पंचमंदिर परिसर के वटवृक्ष का शाखा गिरा, लोगों ने बताया - सैंकड़ों साल पुराना है

गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 25 जुलाई
★ रिपोर्ट : सुशांत साईं सुन्दरम
गिद्धौर के पंचमंदिर परिसर स्थित विशाल वट वृक्ष का आधा हिस्सा बिना आंधी-तूफान के ही अचानक से टूटकर धराशायी हो गया। घटना बीते शनिवार की देर शाम साढ़े पांच बजे की है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पंचमंदिर परिसर के भीतर का विशाल बरगद का पेड़ अचानक से ही टूटकर तेज आवाज के साथ उत्तर दिशा में गिर गया। पेड़ की छोटी डाली और पत्ते गायत्री मंदिर के छत पर गिरे, वहीं बड़ा हिस्सा गायत्री मंदिर के आगे के छतदार चबूतरे के छत पर गिरा। हालांकि अभी भी पेड़ का बड़ा हिस्सा यथावत है।
इस घटना में किसी प्रकार की जान-माल की कोई क्षति नहीं हुई है। स्थानीय निवासी राजेश कुमार पाजो ने बताया कि यह बरगद का पेड़ सैंकड़ों वर्ष पुराना है। हमने अपना बचपन इस पेड़ के नीचे खेल कर बिताया है। वहीं राजेन्द्र पंडित ने कहा कि यह पेड़ सैंकड़ों जीव-जंतुओं का घर है। यह कब से है, इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन जबसे है ऐसा ही है।
स्थानीय शिक्षक राजवंश केशरी ने कहा कि पंचमंदिर के इस बरगद के पेड़ से व्यक्तिगत भावनाएं जुड़ी हुई हैं। शाखाओं से लटकते जड़ों में बहुत झूला झूले हैं। कई पीढियां बीत गई, लेकिन यह पेड़ इसी तरह खड़ा है। इसका कुछ हिस्सा इस तरह गिर जाने से पेड़ की मजबूती कम हो गई है। ऐसे में हवा के तेज झोंके को बची डालियां कब तक झेल पाएंगी यह देखना होगा।

बता दें कि पंचमंदिर के इसी पेड़ के नीचे सुहागन महिलाएं प्रतिवर्ष वट सावित्री पूजा के अवसर पर पूजा करने आती हैं। टूटे शाखा से मुहल्ले के बच्चे पत्ते तोड़कर गाय-बकरियों के लिए ले गए। मंदिर का स्वामित्व गिद्धौर राज परिवार के पास है।

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