अरुणाचल में लगा सरकार को झटका, चीन सीमा पर बना अहम पुल बाढ़ में बहा
ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश में मोदी सरकार की सामरिक नीति को बड़ा झटका लगा है। क्योंकि यहां के कुरुंग कुमे जिले में दो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ने वाला एक पुल बाढ़ में बह गया। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये बैली ब्रिज भारत-चीन सीमा के नजदीक कोरोरू गांव के पास ओयोंग नदी पर बना था और जिला मुख्यालय कोलोरिंग को दामिन से जोड़ता है।यह भी पढ़ें : नशे में धुत असमिया लड़की ने किया हाईवोल्टेज ड्रामा, आत्महत्या करने की दी धमकीबीआरओ की परियोजना अरुणांक के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर अनिरुद्ध एस कंवर ने बताया कि ली से करीब एक किलोमीटर दूर कोलोरियांग-हुरी रोड पर बना ये पुल शनिवार को अचानक आयी बाढ़ में बह गया। बाढ़ का असर इतना जबरदस्त था कि पुल का सिर्फ एक हिस्सा ही नजर आ रहा है।उन्होंने बताया कि इस पुल को फिर से बनाने के लिए काम चल रहा है। सभी जरूरी संसाधन और मशीनों को प्राथमिकता पर काम करने के लिए बुलाया गया है। अरुणांक परियोजना के तहत 756 बीआरटीएफ की 119 सड़क निर्माण कंपनी (आरसीसी) इसे बहाल करने में जुटी है। 119 आरसीसी के कमांडिंग अधिकारी रोशन और प्लाटून कमांडर मेजर मोहित कुमार साइट पर काम कर रहे हैं।यह भी पढ़ें : सिंगापुर के वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा गुवाहाटी, मुख्यमंत्री हिमंता अपनी पत्नि रिंकी भुइयां के साथ किया स्वागतकुरुंग कुमे के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ओशन गाओ के मुताबिक, उन्होंने सड़क मार्ग की जल्द बहाली के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। पुल बनाने का काम तेजी से चल रहा है।बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में पिछले हफ्ते कई दिनों तक भारी बारिश हुई थी। मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। की जगह भूस्खलन भी हुआ। इससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए। शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया था कि अरुणाचल प्रदेश में इस साल बाढ़ और भूस्खलन में 17 लोगों की मौत हो चुकी है।
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