*अयोध्या, अवध विश्वविद्यालय के कुलसचिव उमानाथ सिंह पर कसा जांच का शिकंजा*

   संतोष कुमार श्रीवास्तव, अयोध्या विधानसभा रिपोर्टर
अयोध्या,

कुलसचिव पर भी कसा जांच का शिकंजा। ।

 डा. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलसचिव उमानाथ पर जांच का शिकंजा कस गया है। उन पर पहले से ही वहां के लोगों ने उनके ऊपर लगे भ्रष्टाचार व अनियमितता के आरोपों की जांच के लिए कई बार शिकायत की । अवध विश्व विद्यालय में लगातार कुलसचिव पर भ्रष्टाचार व अनियमित के आरोप लगने के कारण  शासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है, जिसमें प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी तथा अयोध्या के जिलाधिकारी की ओर से नामित अपर जिलाधिकारी को शामिल किया गया है। इस कमेटी को 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट शासन को देनी है। कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक का जिम्मा देख रहे उमानाथ के खिलाफ अवध विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा.वीपी सिंह ने शासन में कई शिकायतें की थीं। आरोप है कि कई चहेते महाविद्यालयों को बिना शिक्षकों के ही मान्यता दे दी गई है। इन कालेजों में शिक्षकों का अुनमोदन फर्जी प्रपत्रों के आधार पर कराया गया है। रामअवध पीजी कालेज अंबेडकरनगर की जांच करने का निर्देश राजभवन से आया था । कुलसचिव पर  इस जांच को दबाने का आरोप है।  इसके साथ ही आरोप है कि कई कालेजों में प्रायोगिक व मौखिक परीक्षा फर्जी शिक्षकों से कराई जा रही है। पांच से सात सौ विद्यार्थियों की मौखिक परीक्षा एक ही दिन में संपन्न कराई जा रही है। परीक्षक तैनाती व केंद्र निर्धारण में भ्रष्टाचार का आरोप है। शासनादेश की अनदेखी हुई है। एक ही प्रबंधक के दो महाविद्यालयों को परीक्षा में उन्हें फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से केंद्र बनाया गया है। बाहरी व्यक्तियों को मूल्यांकन स्थल पर तैनात कर उसे प्रभावित भी किया जा रहा है। नियुक्तियों के रोस्टर में अनियमितता के गंभीर आरोप भी  हैं।

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