अलीगंज : साइकिल सवार युवक को बस ने रौंदा, घटनास्थल पर हुई मौत

अलीगंज/जमुई (Aliganj/Jamui), 25 जुलाई 
◆ रिपोर्ट : चंद्रशेखर सिंह
● संपादन : अपराजिता
अलीगंज (Aliganj) सिकंदरा (Sikandra) मुख्य मार्ग दरखा पोखर (Darkha Pokhar) के समीप बीते शुक्रवार की अहले सुबह एक साईकिल सवार युवक को अनियंत्रित बस ने रौंद डाला। जिससे युवक की मौत घटना स्थल पर ही हो गई।

जानकारी के अनुसार कैयार गांव निवासी स्व अजय सिंह के 24 वर्षीय पुत्र छोटु सिंह अपने साईकिल से अलीगंज बाजार शुक्रवार की सुबह लगभग 8 बजे आ रहा था। तभी अलीगंज से सिकंदरा की ओर जा रही एक अनियंत्रित कुमार बस ने साईकिल सवार युवक को रौंद डाला। जिससे युवक की मौत घटना स्थल पर ही हो गई। साईकिल की हैंडल बस के आगे भाग में फस गया जिसे बस घटना स्थल से एक किलोमीटर तक खींचते चली गई। युवक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई।

मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों व परिजनों ने अलीगंज-सिकंदरा मुख्य मार्ग में अस्पताल के सामने मुख्य सडक को जाम कर दिया। जिससे घंटों सडक जाम लगी रही। आक्रोशित ग्रामीणों ने टायर जलाकर विरोध जताया। मौके पर पहुंची चंद्रदीप (Chandradeep) व लछुआड (Lachhuad) पुलिस (Police) ने आक्रोशित परिजनों को समझा बुझाकर सडक जाम हटाया जा सका। लाश को पोस्टमार्टम के लिए जमुई सदर अस्पताल भेज दिया गया।
मृतक युवक अलीगंज बाजार में एक तेल मील के दुकान में रहकर काम करता था। प्रतिदिन सुबह अपने घर कैयार से अलीगंज आता था और शाम में अपना घर चला जाता था। मृतक युवक ही घर का एक मात्र कमाऊ सदस्य था। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और मातम का महौल है। मृतक युवक काफी गरीब परिवार का है। उसके पिता अजय सिंह की मृत्यु बहुत पहले ही चुका था।

मृतक युवक के माता विधवा बेबी देवी शव से लिपटकर करूण विलाप कर रही थी। एक तो भगवान मेरा सुहाग छीना अब मेरा जो सहारा बन खडा हुआ तो उसे भी छीन कर मुझे बेसहारा बना दिया। इतना कहते हुए बेसुध जा रही थी। मृतक युवक अलीगंज बाजार में एक दुकान में रहकर काम करता था और अपने परिवार का भरण पोषण करता था। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

घटना के बाद परिजनों में काफी कोहराम मच गया है। मृतक युवक दो भाई व एक बहन है। बहन की शादी हो चुकी है। जिसमें मृतक युवक सबसे छोटा था। बड़ा भाई बोतल सिंह मानसिक रूप से विक्षिप्त है। वर्षों पूर्व इनके पिता की मौत गंभीर बीमारी से चुका था।

मृतक युवक की विधवा माँ ने दोनों बेटे को पाल पोसकर बड़ा किया। परिवार वालों को जब लगा कि अब वो सहारा बनेगा, तो जब छोटू कमाने लगा और अब माता को आर्थिक सहयोगी बना तो भगवान को कुछ और ही मंजूर था। उसे भी छीन कर मुझे बेसहारा बना दिया। अब किसके सहारा जीवन जी सकूंगी। करूण वेदना से पूरा महौल गमगीन हो रहा जा रहा था।

आसपास के लोगों ने बताया कि कुमार बस से घटना घटित हुई। घटना के बाद साईकिल को घसीटता हुआ लगभग एक किलोमीटर तक खींचते चला गया और फरार हो गया।

लछुआड पुलिस ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही घटना स्थल पहुंच कर आक्रोशित ग्रामीणों व परिजनों को समझा बुझाकर सड़क जाम हटया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जमुई भेज दिया गया है। बस को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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