सावन का महीना खुशहाली का प्रतीक : प्रो. निर्मला एस. मौर्यविश्वविद्यालय के मुक्तांगन में मना पूर्वांचल सावन महोत्सव

सावन का महीना खुशहाली का प्रतीक : प्रो. निर्मला एस. मौर्य

विश्वविद्यालय के मुक्तांगन में मना पूर्वांचल सावन महोत्सव

विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की ओर से आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत महिला अध्ययन केंद्र के द्वारा पूर्वांचल सावन महोत्सव का आयोजन मुक्तांगन परिसर में सोमवार को किया गया। इस महोत्सव में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं द्वारा बनाए गए विभिन्न उत्पाद राखी, आचार, नमकीन,  अगरबत्ती की दुकानें लगाई गई थी।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस. मौर्य ने कहा कि सावन का महीना हिंदुओं के लिए पवित्र माह होता है। इस माह में भगवान शिव की पूजा-अर्चना होती है। सावन का महीना सभी के लिए सुख समृद्धि लेकर आता है। इस महीने में जहां धरती की प्यास बुझती है वहीं खेतों में कई फसलों की बुवाई भी होती है। सावन का महीना जीव-जन्तु, पक्षी के लिए खुशहाली लेकर आता है। सबको गर्मी से निजात मिलती हैं। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं से जोड़ने के लिए इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। महोत्सव की मुख्य अतिथि जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. लक्ष्मी सिंह थी। उन्होंने पूर्वांचल सावन महोत्सव के कार्यक्रम की सराहना की। महोत्सव की संयोजक डा. जाह्नवी श्रीवात्सव ने कहा कि मिशन शक्ति और महिला अध्ययन केंद्र दोनों का मकसद महिलाओं को सबल और आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने महोत्सव में आए अतिथियों का स्वागत किया। महोत्सव में बाल विवाह निषेध को कठपुतली के माध्यम से दिखाया गया। इसके बाद रामकिशुन महाविद्यालय के विद्यार्थियों की ओर से शिव पार्वती, राधाकृष्ण नृत्य और शिव तांडव को लोगों ने सराहा। इसके बाद महिलाओं की ओर से कजरी का गायन हुआ। विद्यार्थियों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संचालन सलमान शेख और धन्यवाद ज्ञापन डा. वनिता सिंह ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव महेन्द्र कुमार वित्त अधिकारी श्री संजय कुमार राय प्रो. बीबी तिवारी, प्रो. अजय द्विवेदी,  प्रो. देवराज सिंह, डॉ. मनोज मिश्रा,  एनएसएस समन्वयक डा. राकेश यादव, डा. जगदेव, डा. सुनील कुमार, सहायक कुलसचिव अमृतलाल पटेल, बबिता सिंह, अजीत सिंह, दीपक सिंह , डा. अनिता सिंह, डा. माया सिंह, डा. ज्योत्सना श्रीवास्तव , डा. सुनीता गुप्ता, डा. सिंधुजा श्रीवास्तव, डा. नीतू सिंह, डा. संगीता सिंह, डा. रीतू मौर्या, डा. माया मौर्या, अनु त्यागी, डा. पूजा सक्सेना, डा. रेखा पाल, अन्य शिक्षक तथा आसपास की लोग महोत्सव में उपस्थित रहे।

कई प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

जौनपुर। पूर्वांचल सावन महोत्सव के तहत सोमवार को कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। इसमें सावन प्रिंसेज  श्वेता साहू दूसरे और तीसरे नंबर पर वंशिका जायसवाल और कीर्ति सिंह रहीं। इसी क्रम में सावन क्वीन प्रीति श्रीवास्तव बनीं दूसरे स्थान पर मोहिनी श्रीवास्तव और तीसरे पर नीतू सिंह रहीं। सावन किंग का सम्मान इंजीनियरिंग संस्थान के प्रो. बीबी तिवारी को मिला। नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर सारिका, स्नेहा मिश्रा और सारिका रहीं। इसी प्रकार कजरी प्रतियोगिता में प्रथम विनीता यादव, द्वितीय आशीष यादव और तृतीय पर मोहनी श्रीवास्तव रहीं। सावन प्रिंसेज प्रतियोगिता में निखिल कुमार सिंह प्रथम समरजीत सोनकर द्वितीय, पवन सोनकर तृतीय और विवेक सिंह चौथे स्थान पर रहे। सावन कपल में प्रथम स्थान पर डा. आलोक दास संग झांसी मिश्रा और द्वितीय स्थान पर मनु मिश्रा संग अनामिका मिश्रा रहीं। इस कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह महिलाओ द्वारा हाथ से बनाये गए अचार ,पापड़, बड़ी, राखी, आदि का स्टॉल भी लगाया गया।कार्यक्रम समन्वयक ने अंत में धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन से हमारी जो परंपरा विलुपत होती जा रही है जैसे कठपुतली कला, कजरी गीत गायन, गुड़िया गुड्डा विवाह आदि उसे आने वाली नई पीढ़ी को परिचित कराया जा सकता है।कार्यक्रम के अंत मे सभी विजयी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और शील्ड देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन सलमान शेख़ ने किया इस अवसर पर सहायक कुलसचिव अमृतलाल पटेल, बबिता सिंह, अजीत सिंह, दीपक सिंह , डा. अनिता सिंह, डा. माया सिंह आदि उपस्थित रहीं।

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