कोर्ट में साक्ष्य अभिलेख की भाषा क्या होगी जानिए- CrPC 277
हाईकोर्ट एवं सुप्रीम को छोड़कर अन्य न्यायालयों की भाषा क्या होगी यह राज्य सरकार निर्धारित कर सकती है, सवाल यह है कि न्यायालय किस भाषा में साक्षी के अभिलेख को तैयार करेगा क्या साक्षी को अपनी भाषा में न्यायालय के अभिलेख तैयार करने का अधिकार होता है जानते हैं इसका जबाब।
दण्ड प्रक्रिया संहिता,1973 की धारा 277 की परिभाषा
अगर कोई न्यायालय वारण्ट मामलों एवं सेशन न्यायालय के अधीन साक्ष्य अभिलेख तैयार करता है तब:-
• साक्षी जिस भाषा में साक्ष्य देता है उसी भाषा में लिखा जाएगा।
• न्यायालय का मजिस्ट्रेट या पीठासीन अधिकारी द्वारा तैयार अभिलेख पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
• अगर न्यायालय किसी अन्य भाषा में साक्षी के बयान को तैयार करता है तब इसका अनुवाद न्यायालय द्वारा यथाशीघ्र किया जाएगा, मजिस्ट्रेट या पीठासीन अधिकारी अभिलेख पर हस्ताक्षर करेगा।
नोट:- अगर न्यायालय अंग्रेजी भाषा में साक्ष्य अभिलेख तैयार करता है एवं पक्षकार द्वारा कोई आपत्ति दर्ज नहीं कि जाती हैं तब न्यायालय को उसका अनुवाद करने की आवश्यकता नहीं होगी।
कुल मिलाकर कहे तो साक्षी के बयान, कथन आदि उसी की स्थानीय भाषा में लिखे जायेगे अगर उसकी भाषा से अलग लिखे गए हैं तो न्यायालय द्वारा तुरंत उसका अनुवाद किया जाएगा। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) :- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665
इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com
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