बलरामपुर के बहुचर्चित दुर्गा सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी ही दोषी करार
बलरामपुर
अधिवक्ता को जीप से कुचलकर मारने के आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश द्रुतगामी न्यायालय विमल प्रकाश आर्य ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 5 लाख रुपए अर्थदण्ड देना होगा। जुर्माने में से दो लाख रुपए मृतक के पत्नी को दिया जाएगा।
कालीथान ग्राम निवासी राजकुमार सिंह ने दो अगस्त 2004 को कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज कराई। आरोप लगाया कि 1 अगस्त की रात नौ बजे उनका भतीजा दुर्गा प्रसाद सिंह जो पेशे से अधिवक्ता था, बलरामपुर से मोटर साइकिल से गांव वापस आ रहा था। गांव के मोड़ के पास छोटेलाल चौहान व उनके लड़के उमानाथ चौहान ने उसे मार्शल जीप से कुचल कर मार डाला है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की। पुलिस की विवेचना से पीड़ित पक्ष संतुष्ट नहीं था। उनके प्रार्थना पत्र पर मामले की जांच सीबी सीआईडी से कराई गई।
जांच के बाद उमानाथ चौहान व छोटेलाल चौहान के खिलाफ सीबी सीआईडी ने आरोप पत्र न्यायालय भेजा। जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान छोटेलाल चौहान की मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों का बयान कराया गया।
वहीं बचाव पक्ष की ओर से दो गवाहों का बयान दर्ज कराते हुए फर्जी फंसाए जाने की बात कही गई। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने उमानाथ चौहान को आजीवन कारावास की सजा दी है।
हिन्दीसंवाद न्यूज़
बलरामपुर
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