तुलसी कितने प्रकार की होती है, इस सवाल के जवाब ने डिप्टी कलेक्टर बना दिया - NATIONAL NEWS

छत्तीसगढ़। क्या आप कभी सोच सकते हैं कि वनस्पति विज्ञान से जुड़ा एक सामान्य सा सवाल 'तुलसी कितने प्रकार की होती है' किसी को डिप्टी कलेक्टर बना सकता है। यदि किसी STUDENT से यह सवाल पूछेंगे तो वो मजाक उड़ाएगा लेकिन छत्तीसगढ़ के बजरंग वर्मा को इसी सवाल के जवाब ने Deputy collector बना दिया।

छत्तीसगढ़ PSC में 12वीं रैंक पाने वाले बजरंग वर्मा का 11 जनवरी 2019 को इंटरव्यू हुआ। पूछा गया कि आप कहां के रहने वाले हैं। बजरंग ने बताया उसके गांव का नाम है तुलसी-नेवरा। सवाल आया बजरंग आप तुलसी-नेवरा गांव के रहने वाले हैं, तो बताएं तुलसी कितने प्रकार की होती हैं? और इसके जवाब ने बजरंग को डिप्टी कलेक्टर बना दिया। 

आइए जानते हैं, तुलसी कितने प्रकार की होती है, क्या फायदा होता है

How many types of basil are, What is the benefit


हिन्दू धर्म में तुलसी को मां लक्ष्मी का रूप मानकर घर के आंगन में पूजनीय स्थान दिया जाता है लेकिन इसके अलावा भी तुलसी के वैज्ञानिक व आयुर्वेद की दृष्टि से कई लाभ मिलते हैं। इस अनमोल पौधे के कुल 5 प्रकार होतेे हैं, जो स्वास्थ्य से लेकर वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।


जानिए तुलसी के यह 5 प्रकार - This 5 types of basil

1) श्याम तुलसी,
2) राम तुलसी,
3) श्वेत/विष्णु तुलसी,
4) वन तुलसी,
5) नींबू तुलसी

तुलसी के पांचों प्रकारों को मिलाकर इनका अर्क निकाला जाए, तो यह पूरे विश्व की सबसे प्रभावकारी और बेहतरीन दवा बन सकती है। एक एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-फ्लू, एंटी-बायोटिक, एंटी-इफ्लेमेन्ट्री व एंटी–डिजीज की तह कार्य करने लगती है।

श्याम तुलसी की पहचान 

श्यामा तुलसी (Shyama Tulsi) की पत्तियां श्याम रंग या फिर बैंगनी रंग की होती हैं। इसी वजह से इसे श्यामा तुलसी कहते हैं। श्यामा तुलसी को कृष्ण तुलसी (Krishna tulsi) के नाम से भी जाना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस तुलसी का संबंध भगवान श्रीकृष्ण से है, क्योंकि इसकी पत्तियां श्रीकृष्ण के रंग के समान होती हैं।

राम तुलसी की पहचान

जिस तुलसी के पौधे की पत्तियां हरी होती हैं, उसे रामा या उज्ज्वल तुलसी के नाम से पुकारा जाता है। रामा तुलसी (Rama Tulsi) की पत्तियां हल्की मिठास भरी होती है। इस तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल पूजा-पाठ में किया जाता है। साथ ही इसे घर में लगाने से सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है।

श्वेत तुलसी / विष्णु तुलसी की पहचान

इस किस्म को विष्णु तुलसी के नाम से भी जाना जाता है। इसका प्रयोग बच्चों के कफ, खांसी, जुकाम, आदि में किया जाता है। इसकी सबसे प्रमुख पहचान यह है कि जब इसके पुष्प आते हैं तब वह सफेद रंग के होते हैं। बताया जाता है कि इसमें अपना विद्युत प्रवाह होता है। एक तड़ित चालक की तरह काम करती है। यानी जहां पर लगी होती है वहां आसपास वज्रपात के कारण कोई नुकसान नहीं होता।

वन तुलसी की पहचान 

इसे जंगली तुलसी और तुलसी बर्बरी भी कहते हैं। इस किस्म के पौधों की लम्बाई 60 से 90 सेंटीमीटर होती है। इसके पौधों में वर्ष भर फूल और फल लगे रहते हैं। फूल सुगंधित होने के साथ सफेद, गुलाबी या बैंगनी रंग के होते हैं। ज्योतिष शास्त्र में इस पौधे को घर में लगाने से वर्जित किया गया है।

नींबू तुलसी की पहचान 

इस किस्म में तुलसी एवं लेमन ग्रास दोनों के गुण मौजूद होते हैं। इस किस्म की तुलसी की पत्तियां नींबू की तरह सुगंधित होती हैं एवं इसमें विटामिन ए प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है।

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